अक्सर हम इंस्टाग्राम पर कपल्स की लक्जरी ट्रिप्स और फैंसी वेकेशन वीडियोज देखते हैं, लेकिन इस समय एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। जो की यंग कपल का नहीं बल्कि एक बुजुर्ग कपल का है। यह कहानी सोशल मीडिया पर दिल छू लेने वाले उन पलों में से एक है, जिसने साबित कर दिया कि खुशी हमेशा शोर और दिखावे में नहीं होती। मुंबई की एक लड़की ने अपने दादा-दादी को पहली बार समुद्र दिखाने का फैसला किया।
पहली बार दादा-दादी समंदर देखने का सपना हुआ पूरा (फोटो: Instagram/shortgirlthingss)
वीडियो में दादा और दादी पहली बार समुद्र किनारे खड़े दिखाई देते हैं।
वे धीरे-धीरे पानी के करीब जाते हैं। जैसे ही लहरें उनके पैरों को छूती हैं, उनके चेहरे पर एक शांत मुस्कान दिखाई देती है। न कोई शोर, न जबरदस्ती का एक्साइटमेंट… बस एक सुकून, एक संतोष और जीवन में मिले एक नए अनुभव की चमक। दादी नारंगी साड़ी में और दादा सफेद धोती में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामकर खड़े रहते हैं। वे कुछ पल रुकते हैं, समुद्र को महसूस करते हैं और फिर बड़े सम्मान व भावनाओं के साथ हाथ जोड़कर नमस्कार करते हैं।
लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रियाएं
वीडियो शेयर करने वाली दिव्या ने लिखा कि यह कोई ट्रिप या मस्ती करने के लिए गया हुआ सफर नहीं था, बल्कि अपने बड़ों को वह चीज़ दिखाने का सपना था, जिसके बारे में उन्होंने पूरी ज़िंदगी सिर्फ सुना था। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया और लोगों ने इसे खूब प्यार दिया। कई यूज़र्स ने कमेंट करके कहा कि उनकी आंखें नम हो गईं। कुछ ने लिखा कि यही असली इंटरनेट कंटेंट है, जो दिल को छू ले। किसी ने कहा कि दादा-दादी का एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़ा रहना सबसे खूबसूरत दृश्य था। इस वीडियो ने याद दिलाया कि खुशियां महंगी चीज़ों में नहीं, बल्कि सादे और भावुक पलों में छिपी होती हैं। यही छोटी-सी खुशी लाखों लोगों के दिलों में बस गई।
यह भावुक वीडियो इंस्टाग्राम पर दिव्या तावड़े @shortgirlthingss ने शेयर किया है। इस वीडियो को देखने के बाद यूजर्स ने भी कई तरह के कमेंट्स किए हैं। पहले ने लिखा: "इसीलिए मैं अपने इंटरनेट बिल का भुगतान करती हूं, इसने मेरा दिन बना दिया, भावुक और खुश।", दूसरे ने लिखा: "वे तटीय क्षेत्रों से बहुत दूर रहते थे और उन्हें कभी अपने गाँव से बाहर जाने का अवसर नहीं मिला। उनके लिए जीवन जिम्मेदारियों, कड़ी मेहनत और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के इर्द-गिर्द घूमता था। उस समय यात्रा करना या समुद्र देखना जैसी चीजें उनकी प्राथमिकता नहीं थीं। दूसरी ओर, हम भाग्यशाली हैं कि शहरों में रहते हैं और कहीं भी, कभी भी यात्रा करने की स्वतंत्रता रखते हैं।", तीसरे ने लिखा: "यह उन खूबसूरत रीलों में से एक है जो आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
