आज के समय में वर्क फ्रॉम होम (WFH) कई लोगों का सपना होता है। न सुबह जल्दी उठने की भागदौड़, न ट्रैफिक का झंझट और न ही रोज ऑफिस जाने की टेंशन लेकिन क्या घर से काम करना हमेशा उतना ही मजेदार होता है, जितना लोग सोचते हैं? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इसी सवाल का जवाब दे दिया है। जहां एक युवक ने लगातार एक महीने तक घर से काम करने के बाद अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर किया। उसकी बातें इतनी सच्ची लगीं कि हजारों लोग खुद को उससे जोड़ने लगे।
शख्स ने वीडियो में शेयर किया अपना अनुभव (Instagram/@@better.with.naman)
एक महीने बाद बदल गई सोच
इस वायरल वीडियो (Viral Video) को नमन नाम के यूजर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @better.with.naman से शेयर किया है। वीडियो में युवक ने बताया कि पहले उसे लगता था कि अगर वर्क फ्रॉम होम मिल जाए तो जिंदगी आसान हो जाएगी। रोज ऑफिस आने-जाने में जो समय बर्बाद होता है, वह बच जाएगा और जीवन ज्यादा आरामदायक हो जाएगा लेकिन एक महीने तक घर से काम करने के बाद उसकी सोच पूरी तरह बदल गई।
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ऑफिस की सबसे ज्यादा किस चीज की आई याद?
नमन ने बताया कि घर से काम करते हुए उन्हें सबसे ज्यादा लोगों से मिलने-जुलने और बातचीत करने की कमी महसूस हुई। उसने कहा कि पूरे दिन लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना आसान तो है, लेकिन इंसानों से मिलने और बातें करने का मौका लगभग खत्म हो जाता है। धीरे-धीरे अकेलापन और बोरियत महसूस होने लगती है। नमन के मुताबिक, सिर्फ समय बचा लेना ही सब कुछ नहीं होता। अगर जिंदगी में लोगों से जुड़ाव ही न रहे, तो वह समय भी खास मायने नहीं रखता।
जिंदगी का बड़ा सबक भी दिया
वीडियो (Video) में नमन ने सिर्फ वर्क फ्रॉम होम की बात नहीं की, बल्कि जिंदगी को लेकर भी एक खास संदेश दिया। उसने कहा कि इंसान हमेशा सोचता है कि अगला ख्वाब मिल जाए तो वह खुश हो जाएगा। पहले नौकरी चाहिए होती है, फिर अच्छी नौकरी चाहिए होती है, फिर वर्क फ्रॉम होम चाहिए होता है लेकिन जब वह सब मिल जाता है, तब भी कोई न कोई कमी महसूस होने लगती है। उसने कहा कि हमें सिर्फ मंजिल के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि सफर का भी आनंद लेना सीखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
यह वीडियो (Video) देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने इस वीडियो पर अपनी-अपनी राय देनी भी शुरू कर दी। जहां एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "बड़े होने के बाद जिंदगी बिल्कुल ऐसी ही हो जाती है। हर समय लगता है कि अगली चीज मिलने पर खुशी मिलेगी।" दूसरे ने कहा, "वर्क फ्रॉम होम आरामदायक है, लेकिन ऑफिस के दोस्तों और बातचीत की कमी जरूर महसूस होती है।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "ऑफिस की भागदौड़ बुरी लगती है, लेकिन पूरे दिन घर में रहना भी आसान नहीं है।" कई लोगों ने नमन की आखिरी बात की भी तारीफ की, जिसमें उन्होंने कहा कि जिंदगी में सिर्फ मंजिल नहीं, बल्कि सफर का आनंद लेना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
