Dubai Ramadan Beggars: दुबई पुलिस ने भिखारियों के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह विदेश में बैठे एक सरगना के निर्देश पर काम कर रहा था। सभी सदस्य अलग-अलग जगहों पर लोगों से भीख मांगकर पैसे इकट्ठा करते थे और बाद में वह पैसा गिरोह के मुख्य व्यक्ति तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये लोग आम लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने के लिए कई तरह की कहानियां बनाते थे। कभी वे खुद को किसी दूसरे देश में फंसा हुआ बताते थे तो कभी बीमारी या भूख का बहाना बनाकर मदद मांगते थे। इनका मकसद सिर्फ लोगों से पैसे लेना होता था।
Begging Racket UAE: दिन में भीख, रात में लग्जरी कार! (फोटो: iStock)
लगभग 90 प्रतिशत भिखारी विजिट वीजा पर आते हैं देश में
खलिज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दुबई पुलिस के आपराधिक जांच विभाग के अधिकारी ब्रिगेडियर अली सलेम अल शम्सी ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस के चल रहे “भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान” के तहत की गई है। पुलिस लगातार ऐसे लोगों पर नजर रख रही है जो शहर में भीख मांगकर अवैध तरीके से पैसा इकट्ठा करते हैं। पुलिस का कहना है कि दुबई में पकड़े जाने वाले लगभग 90 प्रतिशत भिखारी विजिट वीजा पर देश में आते हैं। खासतौर पर वे रमजान के महीने को चुनते हैं, क्योंकि इस समय लोग ज्यादा दान और मदद करते हैं। इसी उदारता का फायदा उठाकर ये लोग लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करते हैं और उनसे पैसे मांगते हैं।
पार्किंग में 20,000 दिरहम नकद के साथ पकड़ा
अधिकारियों ने एक चौंकाने वाला मामला भी बताया। पुलिस ने पहले एक ऐसे भिखारी को पकड़ा था जिसके पास तीन लग्जरी कारें थीं। वह दिन में सड़कों पर भीख मांगता था और शाम को कपड़े बदलकर महंगी कार में घूमने निकल जाता था। इसी तरह एक अन्य व्यक्ति को पार्किंग में 20,000 दिरहम नकद के साथ पकड़ा गया था। वह ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े होकर लोगों से खाने के नाम पर पैसे मांगता था। दुबई के अलावा अन्य अमीरात में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। रास अल खैमा में भी रमजान के दौरान 19 भिखारियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक व्यक्ति के पास से 11,000 दिरहम मिले थे।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि अब कुछ लोग ऑनलाइन भी भीख मांगने के लिए नई तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे नकली मेडिकल इमरजेंसी या भावुक तस्वीरों और वीडियो के जरिए लोगों से ऑनलाइन दान मांगते हैं। दुबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़कों पर भीख मांगने वालों को सीधे पैसे न दें। अगर कहीं कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। साथ ही पुलिस ने कहा है कि जरूरतमंद लोगों की मदद हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय धर्मार्थ संस्थाओं के माध्यम से ही करनी चाहिए, ताकि सहायता सही लोगों तक पहुंच सके।
