कोलकाता की दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। यहां हर साल एक से बढ़कर एक खूबसूरत पंडाल बनाए जाते हैं। कहीं ऐतिहासिक इमारतों की झलक देखने को मिलती है, तो कहीं कलाकार अपनी कल्पना से ऐसी दुनिया तैयार कर देते हैं, जिसे देखकर आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। इन दिनों नॉर्थ कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति (Chorebagan Sarbojanin Durgotsab Samity) का एक शानदार पंडाल लोगों का ध्यान खींच रहा है।
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
91 साल पुरानी परंपरा का शानदार नजारा
चोरबागान की दुर्गा पूजा का इतिहास करीब 91 साल पुराना बताया जाता है। इतने लंबे समय से चली आ रही इस परंपरा में हर साल मां दुर्गा की आराधना के साथ लोगों को कुछ खास देखने को मिलता है। इस बार भी पंडाल की सजावट ने अपनी खास पहचान बनाई है। इसकी खूबसूरती और अनोखे डिजाइन का वीडियो (Video) सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
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रोशनी और कलाकारी ने बनाया पंडाल को खास
इस पंडाल की सबसे खास बात इसकी शानदार सजावट है। यहां चमकदार रोशनी, बारीक नक्काशी वाली मूर्तियां और अनोखे कलात्मक डिजाइन देखने को मिलते हैं। सजावट में आधुनिक तकनीक और भविष्य की दुनिया जैसी दिखाई देने वाली कलाकृतियों का इस्तेमाल किया गया है। इन सभी चीजों को इस तरह सजाया गया है कि पूरा पंडाल किसी शानदार कलाकृति से कम नहीं लगता। वायरल वीडियो (Viral Video) में दिखाई देने वाला सजावट का अंदाज बताता है कि पंडाल बनाने वाले कलाकारों ने अपनी कल्पना और मेहनत से इसे खास बनाने की कोशिश की है। रोशनी और अलग-अलग आकार की कलाकृतियां मिलकर ऐसा नजारा तैयार करती हैं, जो लोगों को कुछ देर रुककर देखने के लिए मजबूर कर सकता है।
परंपरा के साथ आधुनिकता
कोलकाता की दुर्गा पूजा की एक खास पहचान यह भी है कि यहां मां दुर्गा की पारंपरिक पूजा के साथ हर साल नए-नए कलात्मक प्रयोग देखने को मिलते हैं। चोरबागान का पंडाल भी इसी खूबसूरत मेल को दिखाता है। एक तरफ सालों पुरानी धार्मिक परंपरा है, तो दूसरी तरफ आधुनिक डिजाइन और रचनात्मकता की झलक।
