Ajab Gajab Tredition: देश में कई ऐसे गांव हैं, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। दोनों अपने-अपने हिसाब से अपने देवी-देवताओं और अल्लाह की पूजा-अर्चना करते हैं। कोई मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद जाता है। किसी का निकाह होता है तो किसी की शादी होती है। दूसरी तरफ देश में ही एक ऐसा गांव है, जहांं एक ही परिवार में हिंदू और मुस्लिम एक साथ निवास करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां जब किसी का निकाह होना होता है तो उससे पहले गणेश भगवान की पूजा की जाती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोशल मीडिया)
राजस्थान में अनोखा समुदाय
यह बात जानकर आपको आश्चर्य जरूर हुआ है। बता दें कि राजस्थान के अजमेर जिले से 10-12 किलोमीटर दूर एक गांव है। इस गांव का नाम अजयसार है। इस गांव में रहने वाले लोगों के मजहब का पता लगाना बहुत ही मुश्किल काम है। आप पिता के नाम से न तो उसके बेटे का मजहब जान सकते हैं और न ही बेटे के नाम से उसके पिता का धर्म जान सकते हैं। दरअसल, यह समुदाय न हिंदू है और न ही मुसलमान। यह समुदाय पूजा भी करता है और नमाज भी पढ़ता है। इस समुदाय के लोग बरसों से खुशी-खुशी रहते हैं।
चीता मेहरात समुदाय (Cheetah Mehrat Community)
यहां रहीम अपने बेटे का नाम राम रखता है और राम अपने बेटे का नाम रहीम रखता है। यहां के लोग दीवाली भी मनाते हैं और उसी धूमधाम से ईद भी मनाते हैं। लोग ईद पर नमाज पढ़ते हैं और दीवाली पर दीप जलाते हैं। हम जिस समुदाय की बात कर रहे हैं उस समुदाय का नाम चीता मेहरात समुदाय (Cheetah Mehrat Community) है। इस समुदाय के लोग राजस्थान के चार जिलों अजमेर, पाली, भीलवाड़ा और राजसमंद में मुख्य रूप से बसते हैं। इस समुदाय के लोगों की कुल आबादी 10 लाख के करीब है।
