आज हम जब सांप का नाम सुनते हैं तो हमारे दिमाग में बिना पैरों वाला, रेंगने वाला जीव आता है। लेकिन वैज्ञानिकों को मिले एक खास जीवाश्म ने यह सोच बदल दी है। यह जीवाश्म लगभग 90 मिलियन साल पुराना है और इसका नाम है नजश रियोनेग्रिना (Najash rionegrina)। इसे लोग प्यार से चलने वाला सांप भी कहते हैं, क्योंकि इसके पास सच में पैर थे। पहले माना जाता था कि सांपों के पास कभी पैर नहीं होते थे या उन्होंने बहुत जल्दी उन्हें खो दिया था। लेकिन नजश की खोज ने बताया कि कुछ सांपों ने लंबे समय तक अपने पैर संभालकर रखे।
चलने वाला सांप देख दंग रह गई दुनिया! (फोटो: एआई)
पैरों से जमीन पर चल सकता था नजश
यह जीवाश्म अर्जेंटीना के पेटागोनिया इलाके में मिला था। वैज्ञानिकों को देखकर हैरानी हुई कि इसके कूल्हे और पीछे के दोनों पैर सही हालत में मौजूद थे। ये पैर सिर्फ दिखावे के लिए नहीं थे, बल्कि काम करने वाले थे। नजश इन पैरों से जमीन पर चल सकता था, बिल बना सकता था और शिकार पकड़ने में मदद ले सकता था। ज्यादातर पुराने सांप पानी में रहने वाले थे, लेकिन नजश एक पूरी तरह जमीन पर रहने वाला सांप था। वैज्ञानिकों ने इसकी हड्डियों और खोपड़ी को स्कैन किया। उन्हें इसमें छिपकली और सांप दोनों जैसी खूबियां मिलीं।
सांप विज्ञान की सबसे खास खोजों में से एक
इससे पता चला कि सांप एकदम से बिना पैरों वाले नहीं बने, बल्कि धीरे-धीरे उनका शरीर बदलता गया। पहले आगे के पैर खत्म हुए और पीछे के पैर लाखों साल तक बने रहे। नजश की खोपड़ी में ऐसी हड्डियां भी मिलीं, जिन्हें पहले माना जाता था कि सांपों में होती ही नहीं हैं। इस खोज ने वैज्ञानिकों को सांपों के विकास को नए तरीके से समझने पर मजबूर कर दिया। इस खोज से हमें यह सीख मिलती है कि विकास सीधा रास्ता नहीं होता। प्रकृति कई तरह के प्रयोग करती है। कुछ जीव जल्दी बदल जाते हैं और कुछ पुराने रूप को लंबे समय तक संभालकर रखते हैं।
नजश सिर्फ एक अजीब जीव नहीं था, बल्कि अपने समय में एक सफल सांप था। उसने दिखा दिया कि सांपों का इतिहास उतना आसान नहीं है जितना हम सोचते हैं। कभी सांप भी छोटे पैरों पर चलते थे और धीरे-धीरे आज के रेंगने वाले सांप बने। यही वजह है कि नजश को आज भी सांप विज्ञान की सबसे खास खोजों में से एक माना जाता है।
