Ajab Gajab: बेंगलुरु में रहने और काम करने को लेकर महिला तकनीकी विशेषज्ञ ने जताई चिंता, रिएक्शन हो रहा वायरल

Ajab Gajab: r/developersIndia हैंडल वाले यूजर ने लिखा कि, 'मेरे दोस्त बहुत दूर रहते हैं। मेरा करीबी दोस्त (उसे बी कहते हैं) मेरे पास रहता था और हम रोज़ साथ रहते थे। अब उसका बचपन का दोस्त भी बीएलआर में आ गया है और उन्होंने एक फ्लैट किराए पर ले लिया है जो मेरे घर से काफ़ी दूर है।

Ajab Gajab: एक महिला सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर (एसडीई) की एक पोस्‍ट सोशल मीडिया पर अचानक से चर्चा में आ गई। अपनी पोस्‍ट में महिला कर्मचारी ने बेंगलुरु में काम करने के दौरान होने वाले अकेलेपन और भावनात्मक संघर्ष पर दु:ख जताया है। यूजर ने भारत के इस तकनीकी केंद्र में काम करने के अपने एक्‍सपीरिएंस को शेयर करते हुए बताया कि उन्हें अपने कार्यस्थल और पीजी (पेइंग गेस्ट आवास) दोनों जगह अकेला महसूस होता था। "मैं बैंगलोर में भूत जैसा क्यों महसूस करती हूं? क्या यह सामान्य है?" टाइटल वाली पोस्ट में यूजर ने कहा कि उन्होंने हाल ही में इंटर्नशिप को पूर्णकालिक भूमिका में बदल दिया है, लेकिन अकेलेपन की भावना उन पर भारी पड़ रही है।

बेंगलुरु में काम से त्रस्‍त महिला। (तस्‍वीर साभार: Istock)

r/developersIndia हैंडल वाले यूजर ने लिखा कि, 'मेरे दोस्त बहुत दूर रहते हैं। मेरा करीबी दोस्त (उसे बी कहते हैं) मेरे पास रहता था और हम रोज़ साथ रहते थे। अब उसका बचपन का दोस्त भी बीएलआर में आ गया है और उन्होंने एक फ्लैट किराए पर ले लिया है जो मेरे घर से काफ़ी दूर है। पुरुष-प्रधान टीम में काम करने के कारण टीम का मेरे प्रति व्‍यव‍हार भी अलग था। वे मुझे स्वीकार नहीं करते या छोटी-छोटी चीजों में भी मुझे शामिल नहीं करते, जो कि बहुत दुखद नहीं लगता, लेकिन एक लड़का था जो मेरे कॉलेज में था और मेरे ही पदनाम के साथ मेरी टीम में शामिल हुआ था, वह भी धर्मांतरित हो गया, इसलिए वे उसके साथ बहुत अलग व्यवहार करते हैं और यह बात मुझे बहुत दुख पहुंचाती है।'

महिला यूजर ने बताया कि, 'मुझे अपने पीजी में भूत जैसा महसूस होता है क्योंकि मेरे रूममेट्स मुझसे बात नहीं करते। चाहे मैं रोऊँ, हँसूँ या चिल्लाऊँ, उन्हें ज़रा भी परवाह नहीं। मुझे लगता है कि मैं टूट जाऊँगी।' जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया यूजर ने अपने अनुभव भी शेयर किए। एक अन्य ने कहा कि यह वयस्कता का नकारात्मक पहलू है, जिससे हर किसी को गुजरना पड़ता है। पोस्‍ट पर एक यूज़र ने सलाह दी, 'कोई बात नहीं। आखिरकार, तुम इससे निपटना सीख जाओगे। खैर, किसी समुदाय में शामिल हो जाओ या कुछ रैंडम मीटअप में जाओ।' दूसरे यूजर ने कहा कि, 'भाई, बैंगलोर में पैसा कमाओ और खुद में निवेश करो। दुनिया घूमो। कुछ अच्छे शौक अपनाओ। खुद को फिट रखो। कामकाजी ज़िंदगी में अकेलापन तो होता ही है, चाहे तुम कहीं भी रहो।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'मैं यहां चार साल से हूं और मुझे भी यही महसूस हो रहा है। आप तो अकेले हैं। शहर अंदर से बहुत निराशाजनक हो गया है।'

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