Viral Post: भारत के कई शहरों में अब भी चिकित्सा सहायता के लिए लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ब्लिंकिट के सीईओ अलबिंदर ढींडसा ने पिछले महीने 10 मिनट बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एम्बुलेंस सेवा शुरू की। इस सर्विस के एक महीने के बाद नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर ने इस पहल की खूब तारीफ की। 16 फरवरी को, डॉ. दीपक अग्रवाल ने लिंक्डइन पर ब्लिंकिट की एम्बुलेंस सेवा की सराहना की, जिसमें बताया कि कैसे एम्स ट्रॉमा सेंटर ने फास्ट-रिस्पॉन्स सेवा के माध्यम से एक मरीज को रिसीव किया।
दीपक अग्रवाल ने इसे 'भारत के लिए एक ऐसी स्वास्थ्य क्रांति' बताया और पैरामेडिक स्टाफ की तत्परता की भी तारीफ की। अपने लिंक्डइन पोस्ट में प्रोफेसर अग्रवाल ने एम्स ट्रॉमा सेंटर में लाने से पहले एम्बुलेंस में मरीज को दी जाने वाली बुनियादी सेवाओं का भी जिक्र किया। प्रोफेसर अग्रवाल ने बताया कि, 'पैरामेडिक स्टाफ ने मरीज को कई तरह के ट्रीटमेंट दिए। यह ऐसी सेवा है जिसके बारे में हम विकसित देशों में पढ़ते और देखते थे तथा यह वह स्वास्थ्य सेवा क्रांति है जिसका भारत इंतजार कर रहा था।' अब वायरल हो रही यह पोस्ट ऑनलाइन कई यूजर्स को पसंद आई और इससे भारत में आपातकालीन देखभाल के बारे में साझा अनुभवों की लहर चल रही है। जहां कुछ लोगों ने ब्लिंकिट एम्बुलेंस सेवा के कॉन्सेप्ट की सराहना की तो वहीं, कई यूजर्स ने इसे भारत के लिए एक गेम-चेंजर बताया।
एक यूजर ने कमेंट कर कहा कि, 'ब्लिंकिट द्वारा अपेक्षाकृत गंभीर रोगी की स्थिति को पेशेवर तरीके से संभालने के बारे में जानकर बहुत अच्छा लगा। निजी खिलाड़ियों की सहायता प्रणाली स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कमियों को दूर करने में मदद करेगी। आप लोग असाधारण हैं।' दूसरे ने कहा कि, 'ब्लिंकिट को बधाई, यह औसत प्रतिक्रिया समय को काफी कम कर सकता है। इस बीच, अस्पतालों को एम्बुलेंस रैंपिंग को कम करने के लिए तैयार रहना होगा।' तीसरे ने कहा कि, 'वाह, वाकई क्विक हेल्थकेयर सर्विस में क्रांति है... शाबाश, ब्लिंकिट क्या पहल है। यह न केवल कुशल रोजगार को सशक्त बनाएगा बल्कि किसी दुर्घटना और अस्पताल पहुंचने के बीच के अंतर को भी पाटेगा।' चौथे यूजर ने कहा कि, 'ब्लिंकिट टीम इस सेवा को उच्चतम संभव स्तर तक ले जाती है। यह राष्ट्र निर्माण और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की दिशा में एक बड़ा कदम है।' वहीं, एक अन्य ने कहा कि, 'आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समस्या का एक अभिनव समाधान, जो एम्बुलेंस सेवाओं द्वारा बाजार में अंतर को भी पूरा करता है। बढ़िया सेवा और ज़रूरतमंद मरीजों के लिए समय बचाने में मदद।'
गौरतलब है कि, जनवरी में ब्लिंकिट के सीईओ अलबिंदर ढींडसा ने घोषणा की कि, कंपनी अब ऐप के माध्यम से 10 मिनट में एम्बुलेंस सेवा देगी। पहले पांच एम्बुलेंस गुरुग्राम में बुनियादी सुविधाओं के साथ उपलब्ध होंगे, जैसे आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर, मॉनिटर, एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर), सक्शन मशीन और आवश्यक आपातकालीन दवाएं और इंजेक्शन शामिल हैं।
ग्राहकों के पास बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एम्बुलेंस बुक करने का विकल्प होगा, जिसमें एक पै रामेडिक, एक सहायक और एक प्रशिक्षित ड्राइवर होगा। सीईओ ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इस सेवा को देश के सभी प्रमुख शहरों तक पहुंचाना है।
