182 years Old Ramlila: यूपी के कुशीनगर में 182 वर्षों से हो रहा है 'रामलीला का मंचन'

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  • Updated Oct 2, 2022, 09:05 PM IST

Ramlila Staged Since 182 Years:ब्रिटिश शासन में शुरू हुई यह रामलीला आज भी जारी है। इतना ही नहीं, इस रामलीला ने समाज को जोड़े रखने की अलख जगाए रखी है। आधुनिकता की इस दौर में आज की वर्तमान पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रही है।

Ramleela 182 Year Old in Kushinagar UP

ब्रिटिश शासन में शुरू हुई यह रामलीला आज भी जारी है

Kushunagar Ramlila: देश की राजधानी दिल्ली से लेकर अयोध्या और देश के कोने- कोने में रामलीलाओं का मंचन हो रहा है। इनमें बड़े किरदार आते हैं। चर्चा होती है, लेकिन एक गांव ऐसा भी है जो तमाम ताम-झाम से दूर 182 साल से लगातार रामलीला का मंचन कर रहा है। इसके पात्र और दर्शक ग्रमीण ही होते हैं। इस गांव ने न केवल रामलीला की सांस्कृतिक मशाल को जलाए रखा है, बल्कि देश-विदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली अनेक प्रतिभाएं भी दी हैं।

सांस्कृतिक एकता की लौ जलाने वाली कुशीनगर जिले के कसया विकासखंड के मठिया-माधोपुर की रामलीला में जाति-पाति और न ही संप्रदाय का कभी कोई भेदभाव देखने को मिला। आज भी यह सांस्कृतिक मशाल जल रहा है।श्रीरामलीला एवं मेला न्यास के प्रबंधक और मेला समिति के अध्यक्ष रामानंद वर्मा बताते हैं कि हनुमान चबूतरा बनने के बाद इस स्थान पर कार्तिक मास की पंचमी को रामचरित मानस पाठ का आयोजन 1839 में शुरू हुआ था। 1840 में ग्रामीण कलाकारों ने भोजपुरी में रामलीला का मंचन शुरू किया। शायद लोगों को खड़ी बोली और हिन्दी में न बोल पाना इसकी मुख्य वजह थी।

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