नोएडा और गाजियाबाद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। लेकिन अभी भी कई लाख मतदाता गायब है, जिसे लेकर प्रशासन सख्त मोड में है। अभियान के आखिरी के 10 दिनों में प्रशासन गायब मतदाताओं को खोजने पर जोर दे रहा है। जिले के बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) अब गुमशुदा और अनुपस्थित वोटरों का पता लगाने में जुट गए हैं। वे उन मतदाताओं का पता लगाएंगे जो 4 नवंबर से शुरू हुए SIR अभियान के बाद पिछले एक महीने से लापता हैं। जिले में सोमवार और मंगलवार को 500 से अधिक स्पेशल कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि वोटर लिस्ट में किसी का नाम छूटने न पाए। डीएम ने स्पष्ट किया है कि पुराने छात्रों और स्थानांतरित लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे, लेकिन नए वोटरों को तेजी से जोड़ा जा रहा है।
सांकेतिक तस्वीर | PTI
गौतमबुद्धन नगर में 26% वोटर लापता
गौतमबुद्ध नगर में कुल 18.68 लाख मतदाताओं में से करीब 26% यानी 4.85 लाख लोगों का अब तक पता नहीं चल सकता है। इन्हें खोजने के लिए 1 और 2 दिसंबर को जिले के कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों, फैक्ट्रियों और मीडिया हाउसों में बड़े पैमाने पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। दो दिनों में 500 से अधिक स्थानों पर लगाए गए इन शिविरों में लोग एन्यूमरेशन फॉर्म, फॉर्म-6 और फॉर्म-8 भर सकते हैं। लेबर एरिया और औद्योगिक इलाकों में 50-50 कैंप और शैक्षणिक व चिकित्सा संस्थानों में 35 कैंप लगाए गए हैं। फिल्म सिटी में भी 16 मीडिया हाउसों में यह सुविधा दी गई है। शिविर में लोग दोपहर 12 से 2 बजे के बीच लंच ब्रेक में आसानी से फॉर्म भर सकते हैं।
गौतमबुद्ध नगर में 8% वोटरों का लिस्ट से हटेगा नाम
सोमवार को दोपहर 2 बजे तक के डाटा के अनुसार अब तक 66% एन्यूमरेशन फॉर्म वापस जमा हो चुके हैं, जिन्हें डिजिटलाइज भी किया जा चुका है। वहीं 8.06% यानी 1.5 लाख मतदाता के नामों वोटर लिस्ट से हटाए जाने की प्रक्रिया सामने आई है। इनमें से 1% यानी 18,680 अनुपस्थित, 4.9% यानी 92,466 पते से स्थानांतरित, 0.8% यानी 15,878 डुप्लिकेट और 0.8% यानी 16,065 मृत पाए गए हैं। इसके अलावा 0.4% यानी 7,472 मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने फॉर्म पर साइन करने से ही इनकार कर दिया था।
गाजियाबाद में 23% मतदाता लापता
गाजियाबाद में भी कुल 28 लाख मतदाताओं में से 27.6% यानी 7.73 लाख लोग ऐसे हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया जा सकता है। प्रशासन ने इनकी मतदाताओं की लिस्ट राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भेज दी है, ताकि वोटर लिस्ट से हटाए जाने से पहले इनकी दोबारा जांच की जाए। गाजियाबाद में अब तक 50% फॉर्म अब तक डिजिटलाइज किए जा चुके हैं। लेकिन 23% यानी 6.40 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें अभी भी ट्रेस नहीं किया जा सका है। इन मतदाताओं का पता लगाया जा रहा है।
