SIR के आखिरी 10 दिन, नोएडा-गाजियाबाद में गायब मतदाताओं पर प्रशासन का फोकस

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में मतदाता सूची के SIR अभियान के अंतिम चरण में प्रशासन गायब मतदाताओं का पता लगाने पर जोर दे रहा है। गौतमबुद्ध नगर में 26% और गाजियाबाद में 27.6% लाख मतदाताओं का अब तक पता नहीं चल सकता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दो दिनों में 500 से अधिक स्थानों पर एसआईआर के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।

नोएडा और गाजियाबाद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। लेकिन अभी भी कई लाख मतदाता गायब है, जिसे लेकर प्रशासन सख्त मोड में है। अभियान के आखिरी के 10 दिनों में प्रशासन गायब मतदाताओं को खोजने पर जोर दे रहा है। जिले के बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) अब गुमशुदा और अनुपस्थित वोटरों का पता लगाने में जुट गए हैं। वे उन मतदाताओं का पता लगाएंगे जो 4 नवंबर से शुरू हुए SIR अभियान के बाद पिछले एक महीने से लापता हैं। जिले में सोमवार और मंगलवार को 500 से अधिक स्पेशल कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि वोटर लिस्ट में किसी का नाम छूटने न पाए। डीएम ने स्पष्ट किया है कि पुराने छात्रों और स्थानांतरित लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे, लेकिन नए वोटरों को तेजी से जोड़ा जा रहा है।

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सांकेतिक तस्वीर | PTI

गौतमबुद्धन नगर में 26% वोटर लापता

गौतमबुद्ध नगर में कुल 18.68 लाख मतदाताओं में से करीब 26% यानी 4.85 लाख लोगों का अब तक पता नहीं चल सकता है। इन्हें खोजने के लिए 1 और 2 दिसंबर को जिले के कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों, फैक्ट्रियों और मीडिया हाउसों में बड़े पैमाने पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। दो दिनों में 500 से अधिक स्थानों पर लगाए गए इन शिविरों में लोग एन्यूमरेशन फॉर्म, फॉर्म-6 और फॉर्म-8 भर सकते हैं। लेबर एरिया और औद्योगिक इलाकों में 50-50 कैंप और शैक्षणिक व चिकित्सा संस्थानों में 35 कैंप लगाए गए हैं। फिल्म सिटी में भी 16 मीडिया हाउसों में यह सुविधा दी गई है। शिविर में लोग दोपहर 12 से 2 बजे के बीच लंच ब्रेक में आसानी से फॉर्म भर सकते हैं।

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