Indian Railways: भारतीय रेलवे (Indian Railways) दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। भारतीय रेलवे द्वारा रोजाना 13,000 यात्री ट्रेनें चलाई जाती हैं और करोड़ों यात्री इन ट्रेनों में सफर करते हैं। अपने यात्रियों की सुविधाजनक और आनंदमयी यात्रा के लिए रेलवे बहुत से छोटे-बड़े नियम और बदलाव करता रहता है। रेलवे द्वारा ट्रेन टिकट पर दिव्यांग जनों, स्टूडेंट और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को छूट भी दी जाती है। कोरोना महामारी से पहले तक वरिष्ठ नागरिकों को भी ट्रेन टिकट पर छूट दी जाती थी। लेकिन कोरोना काल के दौरान रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन टिकट पर दी जाने वाली छूट को समाप्त कर दिया था। अब हाल ही में इसे लेकर लोकसभा में रेलवे से सवाल पूछा गया है।
ट्रेन टिकट पर वरिष्ठ नागरिकों को कब से मिलेगी छूट
लोकसभा में पूछा सवाल
रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना महामारी से पहले तक ट्रेन की टिकट पर छूट दी जाती थी। लेकिन कोरोना काल के दौरान रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली इस छूट को समाप्त कर दिया था। हाल ही में लोकसभा में रेल मंत्रालय से सवाल पूछा गया कि कोरोना से पहले वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट को लेकर रेलवे क्या सोच रहा है? क्या इसे लेकर रेलवे की तरफ से कोई फैसला लिया गया है?
रेलवे का जवाब
इस सवाल का जवाब देते हुए भारतीय रेलवे ने बताया कि फिलहाल ट्रेन टिकट पर दिव्यांगजनों की चार, मरीजों की 11 और छात्रों की 8 श्रेणियों को छूट दी जा रही है। साथ ही रेलवे ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान रेलवे की ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सब्सिडी के रूप में लगभग 56,993 करोड़ रुपये दिए गए थे। वरिष्ठ नागरिकों को लेकर रेलवे ने कहा कि उन्हें बेहतर सुविधा प्रदान करने और उनकी सुविधाओं में इजाफा करने की कोशिश लगातार जारी है। रेलवे ने बताया कि कोशिश की जाती है कि वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान लोअर बर्थ ही दिया जाए।
