What is metrolite train: बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार नई-नई परियोजनाएं लेकर आ रही है। इसी कड़ी में सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से परी चौक के बीच लाइट मेट्रो की तैयारी कर रही है। जिसकी रिपोर्ट तैयार करने का काम इंडियन पोर्ट रेल कॉर्पोरेशन को सौंपी गई हैं। एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी होने से रियल एस्टेट में भी निवेश बढ़ सकता है।
लाइट मेट्रो
पॉड टैक्सी परियोजना पर पहले से ही काम चल रहा
पॉड टैक्सी और लाइट मेट्रो दोनों का तुलना करते हुए स्टडी की एक रिपोर्ट के बाद दोनों में से एक को चलाया जाएगा। यह स्टडी रिपोर्ट दो माहीने में तैयार होगी। पॉड टैक्सी परियोजना पर पहले से ही काम चल रहा है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर पॉड टैक्सी के संचालन के लिए यमुना प्राधिकरण ने निविदा निकाली थी। हालांकि इसमें अभी तक किसी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है।
लाइट मेट्रो और पॉड टैक्सी कितनी अलग?
दोनों की स्पीड में अंतर है। लाइट मेट्रो 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी,जबकि पॉड टैक्सी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। लाइट मेट्रो प्रोजेक्ट पर प्रति किमी 250 करोड़ रुपये का खर्च का अनुमान है,जबकि पॉड टैक्सी पर प्रति किमी 50 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
वृंदावन तक चलने की योजना
रिपोर्ट के अनुसार मेट्रोलाइट योजना को भविष्य में आगरा व वृंदावन तक ले बढ़ाने का प्लान है। ताकि नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी आगरा और वृन्दावन से भी अच्छी हो सके।
