What is Indian Railways Kavach System: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपनाता है। इसी दिशा में ‘कवच’ (Kavach) एक महत्वपूर्ण तकनीक है। भारतीय रेलवे द्वारा विकसित यह एक स्वदेशी Automatic Train Protection (ATP) सिस्टम है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाना और दुर्घटनाओं को रोकना है। कवच को ‘सुरक्षा की ढाल’ कहा जाता है क्योंकि यह ट्रेनों को कई खतरों से बचाता है।
भारतीय रेलवे का ‘कवच’ सिस्टम क्या है (Photo: iStock)
कवच सिस्टम क्या करता है?
कवच एक ऐसा सिस्टम है जो ट्रेन की स्पीड, सिग्नल और दूरी पर लगातार नजर रखता है। अगर लोको पायलट किसी सिग्नल को नजरअंदाज करता है या ट्रेन निर्धारित गति से ज्यादा तेज चलती है, तो यह सिस्टम खुद ही ब्रेक लगा देता है और ट्रेन को सुरक्षित रोक देता है। इसका मुख्य उद्देश्य सिग्नल पासिंग (SPAD) जैसी गलतियों को रोकना, ट्रेन की गति को नियंत्रित करना और टकराव (collision) की संभावना को खत्म करना है, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सके।
कवच सिस्टम कैसे काम करता है?
कवच कई तकनीकी हिस्सों के साथ मिलकर काम करता है:
ट्रैक और स्टेशनों पर उपकरण
रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर विशेष उपकरण लगाए जाते हैं, जो ट्रेन की स्थिति और गति की जानकारी देते हैं।
ट्रेन के अंदर सिस्टम
हर ट्रेन में एक कंप्यूटर आधारित सिस्टम होता है, जो ट्रैक से मिलने वाले डेटा को प्रोसेस करता है और जरूरत पड़ने पर ब्रेक लगा देता है।
RFID और संचार तकनीक
ट्रैक पर लगे RFID टैग और ऑप्टिकल फाइबर के जरिए ट्रेन और कंट्रोल रूम के बीच लगातार संपर्क बना रहता है, जिससे ट्रेन की सटीक लोकेशन ट्रैक होती रहती है।
स्वचालित ब्रेकिंग सिस्टम
अगर सिस्टम को लगता है कि कोई खतरा है जैसे सामने ट्रेन है या सिग्नल रेड है, तो यह अपने आप इमरजेंसी ब्रेक लगा देता है।
कवच के फायदे
कवच के कई फायदे हैं जैसे कि यह मानवीय गलती (human error) की संभावना को कम करता है, ट्रेन हादसों को रोकने में मदद करता है, खराब मौसम (जैसे कोहरा) में भी सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करता है और यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार करता है, जिससे रेल यात्रा अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनती है।
कवच सिस्टम का हो रहा विस्तार
एक लेटेस्ट अपडेट में रेल मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि भारतीय रेलवे ने 22 मार्च 2026 को दिल्ली-हावड़ा उच्च घनत्व वाले कॉरिडोर के प्रयागराज- कानपुर (दोनों स्टेशनों को छोड़कर) खंड (190 किलोमीटर) पर कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) सिस्टम को सफलतापूर्वक चालू कर दिया। इसके अलावा, कवच वर्जन 4.0 को दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त मार्गों सहित 1,452 किलोमीटर मार्गों पर सफलतापूर्वक चालू किया जा चुका है। वहीं, अगले चरण में गाजियाबाद-टुंडला खंड में 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलाने के लिए कवच सिस्टम शुरू किया जाएगा।
