क्या आप जानते हैं अगर आप ट्रेन से लंबी दूरी तय करते हैं तो आप बीच सफर में उतरकर शहर घूम सकते हैं और उसी टिकट पर आगे के लिए दोबारा सफर शुरू कर सकते हैं। जी हां, अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको भारतीय रेलवे (Indian Railways) के ब्रेक जर्नी रूल (Break Journey Rule) के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।
Train Break Journey (Photo: iStock)
क्या है भारतीय रेलवे का ब्रेक जर्नी रूल
Train Break Journey (Photo: iStock)
भारतीय रेलवे यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में ब्रेक जर्नी यानी बीच में यात्रा रोकने की सुविधा देता है, लेकिन इसके लिए कुछ तय नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। अगर आपको इन नियमों को नहीं होगी तो जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
500 किलोमीटर से अधिक दूरी पर फायदा
सबसे पहले समझें कि ब्रेक जर्नी की अनुमति केवल उन्हीं सिंगल जर्नी टिकट पर मिलती है, जिनकी दूरी 500 किलोमीटर से अधिक होती है। यानी अगर आपका टिकट 500 किमी से कम दूरी का है तो आप बीच में यात्रा नहीं रोक सकते। साथ ही, पहला बार ब्रेक लेने के लिए आपको कम से कम 500 किमी की दूरी तय करनी होगी।
लंबी दूरी पर दो बार ले सकते हैं ब्रेक
अगर आपके टिकट की दूरी 1000 किमी तक है तो आप केवल एक बार ब्रेक जर्नी ले सकते हैं। वहीं, 1000 किमी से ज्यादा दूरी वाले टिकट पर अधिकतम दो बार ब्रेक लेने की अनुमति होती है। हर ब्रेक जर्नी के दौरान आप किसी स्टेशन पर अधिकतम 2 दिन तक रुक सकते हैं, जिसमें आगमन और प्रस्थान का दिन शामिल नहीं होता।
उदाहरण से समझें तो मान लें आपके पास 600 किमी दूरी तय करने का टिकट है और आप 501 किमी पर रुकना चाहते हैं, तो यह अनुमति दी जाएगी। लेकिन वहीं अगर आप 800 किमी के टिकट पर 423 किमी पर रुकना चाहते हैं, तो यह संभव नहीं है। इसी तरह, 2000 किमी के टिकट पर आप अपनी पसंद के दो स्थानों पर ब्रेक ले सकते हैं।
ब्रेक जर्नी नियम से जुड़ी जरूरी बातें
एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि अगर आप किसी कनेक्टिंग ट्रेन को पकड़ने के लिए रास्ते में 24 घंटे से कम समय के लिए रुकते हैं, तो इसे ब्रेक जर्नी नहीं माना जाएगा। हालांकि, कुछ ट्रेनों जैसे Rajdhani Express और Shatabdi Express में ब्रेक जर्नी की अनुमति नहीं होती, क्योंकि इनका किराया पॉइंट-टू-पॉइंट आधार पर तय होता है।
अगर आप यात्रा के बीच रुकते हैं, तो जिस स्टेशन पर रुक रहे हैं वहां अपने टिकट पर स्टेशन मास्टर से स्टांप और हस्ताक्षर जरूर करवाएं। ऐसा न करने पर आपको बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जा सकता है।
इसके अलावा, अगर आप नियमों के अनुसार ब्रेक नहीं ले रहे हैं, तो आपको टिकट जमा कराकर TDR लेना होगा और बाकी यात्रा के रिफंड के लिए आवेदन करना होगा।
