UPI Payment not Working: क्या आपको भी UPI पेमेंट करने में दिक्कत आ रही है? दरअसल इस वक्त पूरे श के बैंकिंग सिस्टम और UPI सिस्टम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गूगल पे, पेटिएम और फोन पे के माध्यम से UPI पेमेंट करने वाले बहुत से यूजर्स लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेमेंट फेल होने और पेमेंट में दिक्कतों से संबंधित मामलों की शिकायत कर रहे हैं। UPI पेमेंट करने में इस वक्त काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही यूजर्स को पैसे ट्रान्सफर करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो यह खबर आपके बेहद काम की है।
UPI पेमेंट करने में यूजर्स को करना पड़ रहा है दिक्कतों का सामना
बैंकों के सर्वर का निकला धुंआ
दूसरी तरफ कई बैंकों के सर्वरों की रफ्तार भी मंदी पड़ रही है जिसकी वजह से बैंक के ऐप से पेमेंट करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार HDFC बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, SBI और कोटक महिंद्रा बैंक के यूजर्स को प्रमुख रूप से UPI पेमेंट करने में दिक्कत आ रही है। इसके साथ ही यूजर्स ने डाउनडिटेक्टर (Downdetector) पर भी UPI पेमेंट में हो रही समस्याओं को लेकर अपनी रिपोर्ट्स दर्ज करवाई हैं। आपको बता दें कि डाउनडिटेक्टर ऐसी वेबसाइट है जो सभी ऑनलाइन सुविधाओं में होने वाली दिक्कतों को ट्रैक करती है।
NPCI ने जताया खेद
जहां एक तरफ यूजर्स द्वारा सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न वेबसाइटों पर भी UPI पेमेंट में हो रही समस्याओं को लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाई जा रही है। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए NPCI ने कहा कि ‘UPI कनेक्टिविटी को लेकर हो रही समस्या के लिए हमें खेद है। कुछ बैंकों को इस वक्त तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। NPCI का सिस्टम पूरी तरह ठीक है और हम बैंकों के साथ मिलकर इस समस्या को जल्दी से जल्दी सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रही हैं UPI पेमेंट्स
भारत में UPI को लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाने लगा है और धीरे-धीरे UPI ट्रांजेक्शन की संख्या में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। जहां दिसंबर के दौरान कुल 18.23 ट्रिलियन UPI ट्रांजेक्शन की गेन थी वहीं जनवरी में यह आंकड़ा 1% बढ़कर 18.41 ट्रिलियन की संख्या पर पहुंच गया। इन आंकड़ों को देखकर आप समझ सकते हैं कि UPI पेमेंट में आ रही दिक्कतों कि वजह से कितने लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा होगा।
