Jan Poshan Kendra: सरकार ने शुरू की ‘जन पोषण केंद्र' परियोजना, राशन की दुकानों को बदलाव का मौका मिला

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 20, 2024, 03:48 PM IST

Jan Poshan Kendra: इस परियोजना का मकसद एफपीएस की व्यवहार्यता और पोषण युक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को बढ़ाना है। एफपीएस को आम बोलचाल में सरकारी राशन की दुकान भी कहते हैं। ये दुकानें अपने नये रंगरूप में अब बाजरा, दालें, डेयरी उत्पाद और दैनिक जरूरत का सामान बेच सकती हैं।

Jan Poshan Kendra: खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना में 60 उचित दर दुकानों (FPS) को ‘जन पोषण केंद्र’ में बदलने के लिए एक पायलट परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना का मकसद एफपीएस की व्यवहार्यता और पोषण युक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को बढ़ाना है। एफपीएस को आम बोलचाल में सरकारी राशन की दुकान भी कहते हैं। पायलट परियोजना के तहत एफपीएस डीलर को सब्सिडी वाले अनाज के अलावा अपने उत्पादों में विविधता लाने की अनुमति होगी।

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फायदेमंद होगा बदलाव

ये दुकानें अपने नये रंगरूप में अब बाजरा, दालें, डेयरी उत्पाद और दैनिक जरूरत का सामान बेच सकती हैं। इससे डीलरों की कमाई के नए स्रोत खुल सकते हैं। जोशी ने इस परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि यह बदलाव दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने मौजूदा परिचालन अक्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में एफपीएस सिर्फ 8-9 दिन के लिए खुलते हैं, जबकि दूसरे केंद्र हर तीन महीने में एक बार ही खुलते हैं। बाकी समय, ये दुकानें बंद रहती हैं।

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