जीवित प्रमाण पत्र के लिए पेंशनधारकों को बड़ी राहत, डिजिटल सर्टिफिकेट भी आएगा काम

Digital Life Certificate: सभी पेंशनभोगियों को अपनी पेंशन आगे भी पाने के लिए हर साल अपने जीवित होने का प्रमाण देना होता है जिसे ‘जीवन प्रमाणपत्र’ कहा जाता है। इस समय केंद्र सरकार के लगभग 69.76 लाख पेंशनभोगी हैं।केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में बैंकों से कहा था कि वे अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों को नवंबर के बजाय एक अक्टूबर से ही अपना जीवन प्रमाणपत्र देने की अनुमति दें।

Jeevan Praman Patra:केंद्र सरकार ने पेंशन वितरण करने वाले सभी बैंकों से बीमार और अस्पताल में भर्ती पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में मदद करने के लिए उनके पास ‘डोरस्टेप कर्मचारियों’ भेजने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने एक आदेश में कहा है कि सभी बैंक 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले अति-वरिष्ठ पेंशनभोगियों को डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाण-पत्र बनवाने को लेकर जागरूकता पैदा करने के प्रयास करें। चेहरे का सत्यापन करने वाली तकनीक के इस्तेमाल से पेंशनभोगियों का डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है।

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जीवन प्रमाण पत्र बनाने का तरीका

पेंशनभोगियों को देना होता है जीवित प्रमाण पत्र

दरअसल, सभी पेंशनभोगियों को अपनी पेंशन आगे भी पाने के लिए हर साल अपने जीवित होने का प्रमाण देना होता है जिसे ‘जीवन प्रमाणपत्र’ कहा जाता है। इस समय केंद्र सरकार के लगभग 69.76 लाख पेंशनभोगी हैं।केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में बैंकों से कहा था कि वे अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों को नवंबर के बजाय एक अक्टूबर से ही अपना जीवन प्रमाणपत्र देने की अनुमति दें। वहीं 80 साल से कम उम्र के पेंशनधारकों को अपना जीवन प्रमाणपत्र नवंबर में देना होता है।

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