How to Merge PF Account: एक से अधिक EPF अकाउंट को कैसे करें मर्ज, जानें- स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस

How to Merge PF Account: नौकरीपेशा लोगों की सैलरी की का एक हिस्सा हर महीने पीएफ फंड में जमा होता है। EPF अकाउंट मर्ज नहीं करने की वजह से खाते में जमा कुल राशि आपको नहीं दिखती है। क्या आप जानते हैं कि पुराने ईपीएफ खाते को नए से मर्ज करना जरूरी होता है।

How to Merge PF Account: प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग अक्सर अपनी फाइनेंशियल और करियर ग्रोथ के लिए जॉब बदलते हैं। नौकरी बदलने के बाद दफ्तर के साथ कई और चीजें भी बदलती हैं। इनमें से एक है EPF अकाउंट। हर कंपनी में नया ईपीएफ अकाउंट होता, लेकिन आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नहीं बदलता है। यह नंबर नई कंपनी में भी जारी रहता है। अब ईपीएफओ के नए नियम के अनुसार, कर्मचारियों को ईपीएफ खाता ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह काम ऑटोमैटिक हो जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुराने ईपीएफ खाते को नए से मर्ज करना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो नुकसान झेलना पड़ सकता है।

EPF Account Merge

हर महीने सैलरी से होता है डिडक्शन

नौकरीपेशा लोगों की सैलरी की का एक हिस्सा हर महीने पीएफ फंड में जमा होता है। सरकार जमा रकम पर सालाना आधार पर मौजूदा समय में 8.15 फीसदी की दर से ब्याज दे रही है। किसी भी कर्मचारी की सैलरी के बेसिक पे से 12 फीसदी की कटौती होती है। एम्प्लॉयर की तरफ से एम्पलाई की सैलरी में की गई कटौती का 8.33 फीसदी ईपीएस ( एम्पलॉय पेंशन स्कीम) में जमा होती है। वहीं, 3.67 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जमा होता है। आप जरूरत पड़ने पर पीएफ खाते से नियमों के अनुसार पैसों की निकासी आसानी से कर सकते हैं।

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