पैन कार्ड आज के समय में एक जरूरी डॉक्यूमेंट है। बैंक हो या फिर पैसों के लेन-देन वाले अधिकतर कामों में पैन कार्ड का इस्तेमाल होता है। बिना पैन कार्ड के बैंक अकाउंट भी नहीं खाला जा सकता। इनकम टैक्स भरने में भी पैन कार्ड की एक अहम भूमिका रहती है। अगर हमारा पैन कार्ड खो जाए या फिर इसकी डिटेल्स किसी के हाथ में लग जाए इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है और इससे हमारा नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हमें यह मालूम होना चाहिए कि हमने पैन कार्ड का इस्तेमाल कहां-कहां किया है।
पैन कार्ड में हमारी बैंकिंग संबंधी कई सारी पर्सनल डिटेल्स मौजूद रहती है।
आपको बता दें कि पैन कार्ड से हमारी बैंकिंग डिटेल्स जुड़ी होती है। आपके पैनकार्ड का इस्तेमाल करके कोई भी लोन ले सकता है इसलिए इसे सेफ रखना बेहद जरूरी होता है। अगर आपको यह यद नहीं है कि आपने अपने पैनकार्ड का इस्तेमाल कहां-कहां किया है तो अब आपकी टेंशन खत्म होने वाली है। हम आपको एक ऐसा प्रॉसेस बताने वाले हैं जिससे आप पता कर सकते हैं कि आपका पैन कार्ड कहां-कहां लिंक किया गया है।
आपके पैन कार्ड का कहां-कहां इस्तेमाल किया गया है इसे जानने का सबसे भरोसेमंद तरीका क्रेडिट रिपोर्ट को चेक करना है। Experian, Equifax, CIBIL और CRIF हाई मार्क जैसे क्रेडिट ब्यूरो के जरिए आप अपने नाम पर लिए गए लोन और क्रेडिट का रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं। इन वेबसाइट्स में विजिट करके आप अपने पैन कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर डालकर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट मंगवा सकते हैं।
पैन कार्ड की ऐसे लें जानकारी
- अगर आप क्रेडिट रिपोर्ट मंगवाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको CIBIL, Experian और Equifax वेबसाइट को चेक करें।
- वेबसाइट पर जाकर आपको क्रेडिट रिपोर्ट या फिर क्रेडिट स्कोर चेक करने के ऑप्शन को विजिट करना होगा।
- अब आपको अपनी पर्सनल जानकारी देनी होगी जैसे- नाम, बर्थ डेट, एड्रेस और पैन नंबर
- आपको बता दें कि कुछ वेबसाइट क्रेडिट रिपोर्ट के लिए शुल्क चार्ज करती हैं जबकि कुछ फ्री में ही क्रेडिट रिपोर्ट उपलब्ध करा देती हैं।
- इस प्रॉसेस के बाद आपके सामने आपकी क्रेडिट रिपोर्ट आ जाएगा और आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं।
पैन कार्ड के दुरुपयोग होने पर करें ये काम
अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में ये दिखाई दे कि आपका पैन कार्ड कहीं गलत तरीके से इस्तेमाल हो रहा है, तो सबसे पहले उस बैंक या संस्था से तुरंत बात करें। इसके बाद आपको इस संबंध में तुरंत पुलिस थाने जाकर FIR दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही आप इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को भी दे सकते हैं। भविष्य में आपके साथ इस तरह की घटना हो इसके लिए आपको समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को चेक करते रहना चाहिए।
