Gold Purity Check Guide: भारत में सोना केवल एक आभूषण नहीं बल्कि व्यक्ति के निवेश और भावनाओं से भी जुड़ा होता है। अगर आप भी सोने की खरीदारी कर रहे हैं तो उसकी शुद्धता (Gold Purity) की जांच करना बेहद जरूरी है। केवल ज्वेलर की बातों पर भरोसा करने के बजाय आप खुद भी कुछ आसान तरीकों से यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जो सोना आप खरीद रहे हैं, वह असली और सर्टिफाइड है।
सोने की शुद्धता घर बैठे ऐसे जांचे (AI Generated Image)
BIS Hallmark को करें चेक
सोने की खरीदारी करते समय सबसे पहले अपनी ज्वेलरी पर BIS Hallmark को चेक करें। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा दिया गया हॉलमार्क इस बात का संकेत होता है कि आभूषण तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार प्रमाणित किया गया है। इसके साथ ज्वेलरी पर उसकी शुद्धता (जैसे 22K/916 या 18K/750) भी अंकित होती है।
HUID नंबर क्यों है जरूरी?
हॉलमार्क के साथ हर प्रमाणित सोने के आभूषण पर HUID (Hallmark Unique Identification) नंबर भी दिया जाता है। यह एक यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिससे हर आभूषण की अलग पहचान बनती है। HUID की मदद से खरीदार यह पुष्टि कर सकता है कि संबंधित ज्वेलरी वास्तव में BIS के रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं। इससे नकली हॉलमार्क या गलत दावों से बचाव होता है।
BIS CARE App का ऐसे करें इस्तेमाल
- अगर आप सोने की शुद्धता खुद जांचना चाहते हैं तो BIS CARE App का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में BIS CARE App डाउनलोड करें।
- इसके बाद ऐप खोलकर "Verify HUID" विकल्प चुनें। अब ज्वेलरी पर अंकित HUID नंबर दर्ज करें।
अगर HUID सही है, तो ऐप आपको ज्वेलरी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दिखाएगा। इसमें हॉलमार्क की शुद्धता, ज्वेलर का पंजीकरण, हॉलमार्किंग सेंटर और अन्य प्रमाणिक जानकारी शामिल होती है। अगर दर्ज किया गया HUID रिकॉर्ड में नहीं मिलता है, तो ऐसी स्थिति में खरीदारी करने से पहले ज्वेलर से इस बारे में बात करना जरूरी है।
सोने के आभूषण खरीदने से पहले चेकलिस्ट
- सुनिश्चित करें कि ज्वेलरी पर BIS हॉलमार्क, शुद्धता (Purity Grade) और HUID नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो।
- BIS CARE App की मदद से HUID नंबर को जरूर वेरिफाई करें।
- ज्वेलर से बिल (Invoice) लें, जिसमें सोने की शुद्धता, HUID नंबर और ज्वेलर की पूरी जानकारी दर्ज हो।
- यह पुष्टि करें कि ज्वेलरी की शुद्धता (कैरेट) वही है, जो आपको खरीदारी के समय बताई गई थी।
- बिल में सोने का नेट वजन और अगर आभूषण में पत्थर या अन्य सजावटी सामग्री लगी है, तो उसका वजन अलग-अलग दर्ज होना चाहिए।
- मेकिंग चार्ज कितना है और उसकी गणना किस आधार पर की गई है, इसकी पूरी जानकारी जरूर लें।
- भुगतान करने से पहले ज्वेलर की रिटर्न, एक्सचेंज और बायबैक पॉलिसी को अच्छी तरह समझ लें।
