देश में अब तक कितने जन औषधि केंद्र? इसकी शुरुआत पीएम मोदी ने नहीं, इस प्रधानमंत्री ने की थी

Jan Aushadhi Kendras: केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पूरे देश में 18,646 जन औषधि केंद्र संचालित हैं, जो लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराते हैं। राज्यसभा में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत 2008 में यूपीए सरकार ने की थी, लेकिन 2014 तक केवल 80 केंद्र ही खोले गए थे।

Jan Aushadhi Kendras: केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार (25 मार्च 2026) को राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि पूरे देश में अब 18,646 जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आम जनता का इलाज का खर्च कम हो सके। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को काफी राहत मिलती है।

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जन औषधि केंद्रों में मिलती हैंसस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं (तस्वीर-X)

योजना की शुरुआत और विस्तार

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की शुरुआत साल 2008 में यूपीए सरकार के दौरान हुई थी। उस समय देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे। हालांकि वर्ष 2014 तक देश में केवल 80 जन औषधि केंद्र ही खोले जा सके थे। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस योजना को तेजी से आगे बढ़ाया और बड़े स्तर पर इसका विस्तार किया। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश रही है कि हर नागरिक तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाई जाएं।

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