आधार OTP से करें ITR का ई-वेरिफिकेशन, जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

ई-सत्यापन की प्रक्रिया सरल होती है। इसमें कुछ ही मिनटों में रिटर्न सत्यापित हो जाता है और तत्काल स्वीकार्यता प्राप्त होती है, जबकि फिजिकल सत्यापन में कई दिन लग सकते हैं। इसके अलावा, नेट बैंकिंग अकाउंट से भी रिटर्न का सत्यापन किया जा सकता है।

आयकर रिटर्न (आईटीआर) को ऑनलाइन अपलोड करने के बाद 30 दिनों के भीतर वेरिफिकेशन करना जरूरी होता है। रिटर्न सबमिट करने की प्रक्रिया केवल आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट पर रिटर्न अपलोड करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद भी इसे सत्यापन करना होता है। अगर किसी करदाता ने बिना ई-सत्यापन किए अपना रिटर्न दाखिल किया है, तो वह रिटर्न अमान्य माना जाएगा। आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर, 2025 है, जो इस वित्तीय वर्ष के लिए बढ़ी हुई समयसीमा है।

income tax return

ई-सत्यापन की प्रक्रिया सरल होती है। इसमें कुछ ही मिनटों में रिटर्न सत्यापित हो जाता है। (Pic Credit: iStock)

न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों के अनुसार, कई करदाताओं ने अपनी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन जिन लोगों ने सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके लिए यह जानकारी जरूरी है। करदाता अपनी रिटर्न का सत्यापन इलेक्ट्रॉनिक रूप से कर सकते हैं, या वे 'आईटीआर-वी' स्वीकार्यता फॉर्म डाउनलोड कर उस पर साइन करके भरे हुए फॉर्म की फिजिकल कॉपी को 30 दिनों के भीतर आयकर विभाग के केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र में भेज सकते हैं।

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