QR Code Paper Ticket: दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का कहना है कि लगभग एक महीने में 74 लाख से ज्यादा क्यूआर कोड बेस्ड पेपर टिकट बेचे गये हैं और इस दौरान टोकन की बिक्री में 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। बताते चलें कि डीएमआरसी ने 8 मई को QR Code बेस्ड पेपर टिकट सिस्टम शुरू किया था। डीएमआरसी के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली मेट्रो धीरे-धीरे टोकन सिस्टम को खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो भविष्य की कोई भी योजना डिजिटल तकनीक को ध्यान में रखकर बनाएगी और इस बात को भी ध्यान में रखा जाएगा कि सभी यात्री स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते हैं।
दिल्ली मेट्रो के 50% एएफसी गेटों को किया गया अपडेट
दिल्ली मेट्रो ने 23 दिनों में बेचे 74,00,854 पेपर टिकट
डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “30 मई तक क्यूआर कोड आधारित कुल 74,00,854 टिकटों की बिक्री की गई है।” मेट्रो को उम्मीद है कि इस सेवा के शुरू होने के बाद यात्री टोकन टिकट का इस्तेमाल करना धीरे-धीरे कम कर देंगे। हालांकि, कई यात्रियों ने शिकायत की है कि क्यूआर कोड आधारित कागज के टिकटों का इस्तेमाल करने के दौरान उन्हें ‘ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन’ (एएफसी) गेटों पर तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ा है। डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अब एएफसी गेटों पर ‘कोई तकनीकी खामी’ नहीं है।
दिल्ली मेट्रो के 50% एएफसी गेटों को किया गया अपडेट
उन्होंने बताया, “पूरे नेटवर्क में लगभग 50 प्रतिशत ऐसे एएफसी गेटों को लगा दिया गया है जो क्यूआर कोड वाले पेपर टिकट स्वीकार करते हैं। क्यूआर कोड आधारित कागज के टिकट की शुरुआत के बाद से टोकन की बिक्री में लगभग 32 प्रतिशत की गिरावट आई है।” फिलहाल, मेट्रो स्टेशन काउंटर से यात्री टोकन के अलावा क्यूआर कोड आधारित टिकट खरीद सकते हैं। डीएमआरसी बेहतर, सुविधाजनक और आसान यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट कार्ड भी जारी करता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने 8 मई को बताया था कि डीएमआरसी ने एएफसी गेट और ग्राहक सेवा काउंटर को अपडेट किया है ताकि वे क्यूआर कोड आधारित सिस्टम में ढल सकें।
भाषा इनपुट्स के साथ
