'Need vs Want' Budget Formula: ऑनलाइन शॉपिंग सेल और डिस्काउंट ऑफर्स हर किसी को आकर्षित कर लेते हैं। 50% OFF, Buy 1 Get 1 या Limited Time Deal जैसे ऑफर देखकर कई बार हम ऐसी चीजें भी खरीद लेते हैं, जिनकी उस समय हकीकत में जरूरत नहीं होती। यही छोटी-छोटी गैर-जरूरी खरीदारी महीने के बजट पर बड़ा असर डालती हैं। ऐसे में Need और Want के बीच अंतर समझना जरूरी है। इससे ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान भावनाओं में आकर खर्च करने से बच सकते हैं और अपने पैसे को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।
नीड और वॉन्ट का फर्क समझने से ऐसे बचेंगे पैसे (Photo: iStock)
Need और Want में क्या अंतर है?
नीड यानी ऐसी चीजें जिनके बिना रोजमर्रा का जरूरी काम प्रभावित हो सकता है। जैसे घर का राशन, जरूरी दवाएं, काम के लिए जरूरी सामान। वहीं वॉन्ट यानी ऐसी चीजें हैं जिन्हें आप खरीदना तो चाहते हैं, लेकिन उनके बिना आपका काम चल सकता है। उदाहरण के लिए ऑनलाइन सेल में नया बैग पसंद आ जाना, जबकि पहले से इस्तेमाल करने लायक कई बैग मौजूद होना।
नीड और वॉन्ट का फर्क ऐसे समझें
जरूरत को लेकर पूछें खुद से सवाल
ऑनलाइन किसी सामान को कार्ट में डालने से पहले खुद से पूछें कि क्या इसकी अभी जरूरत है? अगर यह सामान आज उपलब्ध नहीं हो तो क्या आपका काम रुक जाएगा? अगर जवाब नहीं है तो यह नीड नहीं बल्कि वॉन्ट हो सकती है। इसी तरह यह भी देखें कि क्या आपके पास पहले से ऐसा ही कोई सामान मौजूद है। इन सवालों से अचानक होने वाली खरीदारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सेल देखकर तुरंत ऑर्डर न करें
सेल में कम कीमत देखकर सामान खरीदना हमेशा बचत नहीं होता। मान लीजिए कोई वस्तु 40% डिस्काउंट के बाद 1,200 रुपये में मिल रही है, लेकिन आपको उसकी जरूरत ही नहीं है, तो 1,200 खर्च करना बचत नहीं बल्कि अतिरिक्त खर्च है। इसलिए केवल डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने के बजाय पहले अपनी जरूरत और बजट देखें।
24 घंटे का नियम अपनाएं
गैर-जरूरी सामान खरीदने से पहले कम से कम 24 घंटे इंतजार करने का नियम बनाया जा सकता है। सामान को तुरंत ऑर्डर करने के बजाय उसे Wishlist या Cart में रखें। अगले दिन दोबारा देखें कि क्या आपको अभी भी इसकी जरूरत महसूस हो रही है। कई बार थोड़ी देर रुकने पर खरीदारी करने की इच्छा खुद ही कम हो जाती है।
मंथली शॉपिंग बजट तय करें
ऑनलाइन शॉपिंग के लिए हर महीने एक निश्चित रकम तय करें। कोशिश करें कि यह राशि आपकी जरूरी बचत और बिलों को प्रभावित न करे। अगर बजट खत्म हो गया है तो केवल सेल चल रही है, इसलिए अतिरिक्त खर्च करने से बचें। इससे शॉपिंग पर कंट्रोल रहेगा और महीने के अंत में पैसों की कमी भी नहीं होगी।
