कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने UPI पेमेंट पर प्रस्तावित MDR शुल्क लगाने के फैसले को टालने का स्वागत किया है। संगठन ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया है। CAIT का कहना है कि इस फैसले से देश के छोटे-बड़े व्यापारियों को राहत मिलेगी और उनके कारोबार पर अतिरिक्त खर्च का बोझ नहीं पड़ेगा।
सरकार के फैसले से व्यापारियों को मिली बड़ी राहत।
CAIT के मुताबिक, दिवाली और शादी का सीजन व्यापारियों के लिए काफी अहम होता है। इस दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी ज्यादा होता है। ऐसे में अगर UPI पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता, तो व्यापारियों की परेशानी बढ़ सकती थी। अब इस शुल्क को टालने से व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रस्ताव के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.40 फीसदी MDR शुल्क लगाने की बात सामने आई थी। अगर ऐसा होता, तो हर बड़े UPI लेनदेन पर व्यापारियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता था। खासकर उन छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को ज्यादा परेशानी होती, जो पहले से ही कम मुनाफे पर अपना कारोबार चलाते हैं।
व्यापारियों ने जताई थी चिंता
CAIT के मुताबिक, 30 सितंबर को संगठन के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में करीब 20 व्यापारिक नेताओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान व्यापारियों ने UPI पेमेंट पर MDR शुल्क लगाने के प्रस्ताव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने बताया था कि इस तरह का शुल्क व्यापारियों के खर्च को बढ़ा सकता है और छोटे कारोबारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
डिजिटल पेमेंट का समर्थन करता है CAIT
CAIT का कहना है कि संगठन डिजिटल पेमेंट के खिलाफ नहीं है। वह चाहता है कि देश में ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल तरीके से भुगतान करें। लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि डिजिटल पेमेंट की सुविधा व्यापारियों के लिए सस्ती और आसान बनी रहे। अगर पेमेंट लेने पर ही व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा, तो उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
छोटे व्यापारियों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
देश में बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार, खुदरा व्यापारी और छोटे कारोबारी UPI के जरिए पेमेंट लेते हैं। इनमें से कई व्यापारी बहुत कम मुनाफे पर काम करते हैं। ऐसे में लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनकी कमाई कम हो सकती थी। इसलिए MDR शुल्क को टालने का फैसला छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
CAIT ने इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा। संगठन का मानना है कि UPI जैसी सुविधाएं तभी ज्यादा सफल होंगी, जब ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी इनका इस्तेमाल आसान और किफायती बना रहेगा।
