डिजिटल पेमेंट के दौर में UPI ने लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है। कुछ सेकंड में पैसे भेजे जा सकते हैं, लेकिन कई बार छोटी-सी गलती परेशानी खड़ी कर सकती है। गलत नंबर डालना, एक अतिरिक्त जीरो लग जाना या गलत व्यक्ति को पैसे भेज देना जैसी गलतियों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा रकम ट्रांसफर कर देते हैं। कई बार लोगों को इस गलती का पता अगले दिन ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखने के बाद चलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर UPI से गलती से ज्यादा पैसे चले गए हैं तो उन्हें वापस कैसे पाया जा सकता है।
गलती से UPI पर भेज दिए ज्यादा पैसे ? ऐसे वापस पा सकते हैं अपना पैसा
सबसे पहले रिसीवर से करें संपर्क
अगर किसी यूजर ने गलती से UPI के जरिए ज्यादा पैसे भेज दिए हैं तो सबसे पहला कदम पैसे पाने वाले व्यक्ति से संपर्क करना होना चाहिए। उससे अतिरिक्त रकम वापस करने का अनुरोध करें। Ezeepay के को-फाउंडर और CEO शम्स तबरेज के अनुसार, ऐसी स्थिति में यूजर को अपने बैंक या UPI ऐप के माध्यम से शिकायत भी दर्ज करनी चाहिए। ट्रांजैक्शन से जुड़ी सभी जानकारी संभालकर रखना आपके लिए बहुत जरूरी है।
ट्रांजैक्शन की जानकारी रखना जरूरी
गलत पेमेंट के बाद रिकवरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कुछ जरूरी रिकॉर्ड अपने पास रखना चाहिए। जैसे- UPI ट्रांजैक्शन आईडी, पेमेंट का स्क्रीनशॉट, पेमेंट रसीद और ट्रांजैक्शन की तारीख और समय आदि। ये सभी जानकारी बैंक या UPI प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करते समय काम आती है और मामले को समझने में मदद करती है।
पैसे वापस आने में कितना समय लग सकता है?
UPI से सफलतापूर्वक किया गया ट्रांजैक्शन सीधे रिवर्स या कैंसिल नहीं किया जा सकता, हालांकि संबंधित बैंक विवाद को सुलझाने और अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी में मदद कर सकते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक पैसा वापस मिलने में कुछ दिन से लेकर कई सप्ताह तक का समय लग सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि पैसे पाने वाला व्यक्ति गलती को स्वीकार करता है या नहीं।
अगर सामने वाला पैसा लौटाने से मना कर दे तो क्या करें?
अगर रिसीवर पैसे वापस करने से इनकार करता है तो यूजर को अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए और UPI प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज करनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को गलती से पैसा मिला है तो उसे उस रकम को अपने पास रखने का अधिकार नहीं माना जाता। गलती की जानकारी मिलने के बाद सामान्य तौर पर उसे पैसा वापस करना चाहिए।
अगर रिसीवर ने पैसे इस्तेमाल कर लिए हों तो?
एक बार UPI ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद उसे रिसीवर अपनी तरफ से रद्द नहीं कर सकता और न ही ट्रांजैक्शन को अपने आप वापस किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में पैसे भेजने वाले व्यक्ति को रिसीवर के सहयोग से रिफंड लेना पड़ता है। अगर सामने वाला सहयोग नहीं करता है तो बैंक और UPI प्लेटफॉर्म के जरिए आगे शिकायत प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बढ़ रही हैं ऐसी गलतियां
भारत में UPI डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। लाखों लोग रोजाना इसके जरिए भुगतान करते हैं, इसलिए गलती से गलत पेमेंट होने के मामले भी सामने आते रहते हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, मई में UPI ट्रांजैक्शन ने रिकॉर्ड स्तर छुआ। इस दौरान ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू ₹29.90 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जबकि ट्रांजैक्शन की संख्या 23.2 अरब रही।
