Aadhaar Card से उम्र साबित नहीं होगी! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सड़क हादसे के मुआवजे पर भी कही अहम बात

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि सड़क हादसे के मुआवजे के मामलों में सिर्फ Aadhaar Card के आधार पर उम्र तय नहीं की जा सकती। जानिए कोर्ट ने बीमा पॉलिसी और मुआवजे पर क्या अहम फैसला सुनाया।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि सिर्फ आधार कार्ड (Aadhaar Card) के आधार पर किसी व्यक्ति की उम्र तय नहीं की जा सकती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी की जिम्मेदारी केवल इसलिए शुरू नहीं हो जाती कि उसे प्रीमियम की राशि मिल गई है। बीमा पॉलिसी पर दर्ज तारीख और समय से ही बीमा अनुबंध प्रभावी माना जाएगा।

aadhar card as age proof

आधार कार्ड से उम्र तय करने पर हाईकोर्ट की टिप्पणी/photo-UIDAI

क्या था पूरा मामला?

यह मामला 19 अप्रैल 2019 की रात हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। एक टाटा सूमो ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति का एक पैर घुटने के ऊपर से काटना पड़ा। मृतकों के परिजनों और घायल ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में मुआवजे की मांग की थी। ट्रिब्यूनल ने मुआवजा तो मंजूर किया, लेकिन बीमा कंपनी को जिम्मेदार नहीं माना। अदालत ने वाहन चालक और मालिक को ही मुआवजा देने का आदेश दिया।

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