Varanasi tourism: अगर आप घूमने-फिरने का शौक रखते हैं और आपको एडवेंचर पसंद है तो फिर आपने रेनहोल्ड मेसनर (Reinhold Messner) का नाम जरूर सुना होगा। महान पर्वतारोही मेसनर पहले इंसान थे जिन्होंने दुनिया के सभी 14 ऐसे पर्वत जो 8,000 मीटर से ऊंचे हैं की चोटियां चढ़ी। दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक चट्टानी दीवार नंगा परबत की चुनौती को स्वीकार किया इसके अलावा बिना सप्लीमेंट्री ऑक्सीजन के एवरेस्ट पर अकेले ही चढ़ाई की थी।
रेनहोल्ड मेसनर की नजरों से देखें काशी (फोटो: Instagram)
हाल ही में मेसनर ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीर शेयर करते हुए वाराणसी की यात्रा के बारे में लिखा है। मेसनर के नजरिए से देखें तो काशी कोई साधारण ट्रैवल डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि एक जीता-जागता अनुभव है।
काशी की आत्मा को समझने की यात्रा
रेनहोल्ड मेसनर ने लिखा, 'वाराणसी हिंदुओं का सबसे पवित्र शहर। एक ऐसी जगह जो मुझे कभी छोड़ती ही नहीं। हमने गंगा किनारे घंटों समय बिताया। हमने देखा, सुना और धीरे-धीरे वहां के माहौल का हिस्सा बन गए। मुझे बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगा कि मैं एक पर्यटक हूं। हम वहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए, लोगों से मिले जिनके दिल बहुत खुले थे, और हमें बिना ज्यादा शब्दों के भी अपनापन मिला।'
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: भारत में बढ़ रहा है Second City Tourism का ट्रेंड, जानें क्यों बदल रही है घूमने की सोच
मेसनर ने आगे लिखा, 'जब मैं छोटा था, तब मैं पहाड़ों तक पहुंचने के लिए यात्रा करता था। आज मैं लोगों को समझने के लिए यात्रा करता हूं। मेरी पत्नी इन सभी यात्राओं में मेरे साथ हर कदम पर होती है। वह हर चीज को लेकर जिज्ञासु रहती है, सवाल पूछती है और हर संस्कृति में खुले मन से पूरी तरह डूब जाती है। इसी वजह से साथ में यात्रा करना अकेले यात्रा करने से कहीं ज्यादा समृद्ध अनुभव बन जाता है।'
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: ऊटी या दार्जिलिंग-2026 की गर्मी में कहां जाएं घूमने, कौन सी जगह है असली पहाड़ों की रानी
भीड़ नहीं, एक जीवंत संस्कृति
आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि काशी में हमेशा भीड़ रहती है, लेकिन जब आप वहां जाएंगे तो आपको एहसास होगा कि यह भीड़ शोर नहीं बनती, बल्कि एक जीवंत संस्कृति बन जाती है। घाटों पर लोग पूजा करते हैं, साधु ध्यान लगाते हैं, और यात्री सबको मिलकर देखते हैं। मेसनर के नजरों से देखें तो पाएंगे कि यह शहर एक खुली किताब की तरह है, जिसे हर कोई अपने तरीके से पढ़ता है।
