भगवान शंकर के प्राचीन मंदिरों की बात आती है, तो ज्यादातर लोग केदारनाथ, बद्रीनाथ और रामेश्वरम के नाम ही बोलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड में भगवान शंकर भगवान के 5 बेहद प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जिन्हें पंच केदार के नाम से जाना जाता है। ऐसे में यदि आप भगवान शंकर के प्राचीन मंदिरों के दर्शन करना चाहते हैं, तो हम आपको तुंगनाथ मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर कहा जाता है। उत्तराखंड के पंच केदार में इस मंदिर की गिनती की जाती है। ये मंदिर उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में मौजूद एक प्राचीन स्थल है। आइए जानते हैं कैसे करें इस मंदिर के दर्शन?
दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर
पंच केदार में शामिल तुंगनाथ मंदिर न केवल प्राचीन मंदिर है, बल्कि ये दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर भी है। इस मंदिर के इतिहास की बात करें तो इसे महाभारत के पांडवों से जोड़कर भी देखा जाता है। स्थानीय लोगों की मानें तो आदि गुरु शंकराचार्य भगवान ने इस मंदिर की खोज की थी। हिन्दू मान्यताओं में तुंगनाथ मंदिर की एक अलग पहचान लोगों में दिखती है।
कब से होंगे दर्शन?
उत्तराखंड में मौजूद तुंगनाथ मंदिर के खुलने का समय बद्री केदार मंदिर समिति द्वारा तय किया जाता है। इसके दर्शन भी 4 धाम यात्रा के साथ शुरू कर दिए जाते हैं। आमतौर पर इस मंदिर के दर्शन की शुरुआत के लिए वैशाख पंचमी के दिन को निश्चित किया जाता है।
कैसे पहुंचे?
यदि आप तुंगनाथ महादेव के दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए उत्तराखंड के चोपता आना होगा। चोपता तक का सफर आप गाड़ी से तय कर सकते हैं। इसके बाद चोपता से लगभग 3.5 किलोमीटर का सफर आपको पैदल ट्रैक से तय करना होगा। ट्रैक पर आपको बर्फ से ढंके पहाड और घास के बड़े मैदान देखने को मिलेंगे।
