Shrikhand Mahadev Yatra: अगर आप श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके बेहद काम आ सकता है। उत्तर भारत की सबसे कठिन और पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक यह यात्रा इस साल 10 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी। भगवान शिव के पावन दर्शन के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु इस कठिन पहाड़ी रास्ते को पार कर यहां पहुंचते हैं। यात्रा से जुड़ा पूरा अपडेट यहां डिटेल में बताया गया है जिसे जानकर आप फटाफट से ट्रिप का प्लान कर सकते हैं।
श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा (फोटो: Instagram)
कहां से शुरू होती है यात्रा?
इसे भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र से यह पवित्र यात्रा शुरू होती है। कठिन पहाड़ी रास्तों, बर्फीले रास्तों और ऊंची चढ़ाइयों को पार करते हुए यहां तक पहुंचा जाता है। यह पूरा मार्ग बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
यात्रा की तैयारियां और प्रशासन की बैठक
इस साल की यात्रा को लेकर श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की एक अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष और कुल्लू के डीसी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की। बैठक में सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी ना हो।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं होंगी मजबूत
यात्रा के दौरान इस बार सुरक्षा और सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मेडिकल टीमों की तैनाती होगी, पुलिस बल पूरी यात्रा मार्ग पर मौजूद रहेगा, वन विभाग और रेस्क्यू टीम भी तैनात रहेंगी, इमरजेंसी हालात के लिए खास बचाव दल तैयार रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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रजिस्ट्रेशन कैसे होगा?
यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल जल्द ही शुरू किया जाएगा। श्रद्धालु घर बैठे ही आवेदन कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद ही यात्रियों को यात्रा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
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क्यों खास है श्रीखंड महादेव यात्रा?
इस यात्रा को भगवान शिव के सबसे पवित्र धामों में से एक माना जाता है। यहां पहुंचना किसी साधना से कम नहीं है। कठिन रास्ता, कम ऑक्सीजन और ऊंचाई पर चलना इस यात्रा को और भी चुनौतीपूर्ण बना देता है। जो श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, वे इसे जीवन का सबसे यादगार अनुभव मानते हैं
