(Photo-Pinterest)Shivneri Fort Travel Guide: महाराष्ट्र की धरती पर जब भी वीरता और स्वाभिमान की बात होती है, तो एक नाम सबसे पहले याद आता है छत्रपति शिवाजी महाराज। उसी गौरवशाली इतिहास की शुरुआत जिस पावन स्थल से हुई, वह पुणे जिले के जुन्नर के पास स्थित शिवनेरी किला है। 19 फरवरी 1630 को इसी किले में शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। आज यह किला सिर्फ एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं, बल्कि प्रेरणा, रोमांच और प्र कृति का अद्भुत संगम बन चुका है। अगर आप पुणे या मुंबई के आसपास एक शॉर्ट ट्रिप की तलाश में हैं, तो शिवनेरी फोर्ट एक परफेक्ट वीकेंड गेटअवे साबित हो सकता है। आगे पढ़ें शिवनेरी फोर्ट की एक डिटेल ट्रैवल गाइड...
शिवनेरी फोर्ट घूमने की पूरी जानकारी
शिवनेरी किला कहां स्थित है?
शिवनेरी किला महाराष्ट्र के जुन्नर शहर के पास स्थित है, जो पुणे से लगभग 95 किलोमीटर और मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर है। पहाड़ियों से घिरा यह किला समुद्र तल से लगभग 3,500 फीट की ऊंचाई पर बना है, जहां से आसपास के हरे-भरे घाटी और गांवों का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यही कारण है कि ये किला टूरिस्ट को बेहद पसंद आता है।
शिवनेरी किला क्यों प्रसिद्ध है?
यह वही स्थान है जहां 19 फरवरी 1630 में छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ। यही वजह है कि यह किला मराठा इतिहास का गर्व माना जाता है। यहां की दीवारें, दरवाजे और प्राचीन संरचनाएं आज भी उस दौर की गवाही देती हैं।आज यह किला ट्रेकर्स, इतिहास प्रेमियों और वीकेंड ट्रैवलर्स के लिए पसंदीदा जगह बन चुका है।
शिवनेरी फोर्ट कौन से शहर में है, कैसे पहुंचे?
शिवनेरी फोर्ट पुणे जिले में जुन्नार के पास स्थित है। पुणे से यहां तक सड़क मार्ग से आने में लगभग 2–3 घंटे का समय लगता है। इसके अलावा निजी वाहन या बस के द्वारा भी किले तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। शिवनेरी फोर्ट का निकटतम रेलवे स्टेशन पुणे है। वहां से टैक्सी या बस लेकर आप जुन्नर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा शिवनेरी फोर्ट के निकटतम एयरपोर्ट पुणे एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा किले तक आसानी से जाया जा सकता है।
शिवनेरी फोर्ट घूमने कब जाएं, टाइमिंग क्या है?
शिवनेरी फोर्ट रोजाना सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पर्यटकों के लिए खोला जाता है। इस किले में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इसके अलावा मानसून के मौसम (जुलाई-सितंबर) में भी इस किले के नजारे काफी शानदार होते हैं। इस किले तक पहुंचने के लिए आपको चढ़ाई करनी होगी जिसमें लगभग 1-2 घंटे का समय लगता है।
क्या शनिवार-रविवार को शिवनेरी फोर्ट खुला रहता है?
जी हां शिवनेरी का किला सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है। आप इस किले में रोजाना सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक घूमने के लिए आ सकते हैं। सोमवार से रविवार तक आप रोजाना सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक शिवनेरी किला घूमने आ सकते हैं।
शिवनेरी फोर्ट घूमने के लिए कौन सा मौसम बेस्ट है?
शिवनेरी फोर्ट घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इसके अलावा मानसून के मौसम (जुलाई-सितंबर) में भी लोग इस किले में घूमना पसंद करते हैं। क्योंकि इस मौसम में इस किले के नजारे काफी शानदार होते हैं।
क्या शिवनेरी किले में टिकट लगती है?
जी नहीं शिवनेरी फोर्ट में प्रवेश के लिए किसी तरह का टिकट नहीं लेना होगा। यहां घूमना सभी के लिए नि:शुल्क है। हालांकि यदि आप अपनी गाड़ी लेकर किला देखने जा रहे हैं, तो आपको पार्किंग शुल्क देना होगा।
शिवनेरी किले पर चढ़ने के लिए कितनी सीढ़ियां है?
पार्किंग स्थल से आप लगभग 500 सीढ़ियां चढ़कर शिवनेरी फोर्ट तक पहुंच सकते हैं। जिसे चढ़ने के लिए आपको लगभग 1-1.5 घंटे का समय लग सकता है। इस किले की चढ़ाई में आपको थकान हो सकती है, इसलिए हल्का-फुल्का खाना और पानी अपने साथ जरूर रखें।
शिवनेरी किले में कौन सा मंदिर है
किले के अंदर स्थित शिवाई देवी का मंदिर स्थापित है। जिसका धार्मिक महत्व भी काफी है। माना जाता है कि शिवाजी महाराज का नाम माता शिवाई के नाम पर रखा गया था। श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।
शिवनेरी किले के अंदर क्या देख सकते हैं?
शिवाई देवी मंदिर
शिवनेरी किले के अंदर एक मंदिर मौजूद है, जो माता शिवाई को समर्पित है। माना जाता है कि शिवाई माता के नाम से प्रेरणा लेकर ही शिवाजी का नाम रखा गया।
शिवाजी जन्मस्थली
शिवनेरी किले में वह कमरा आज भी संरक्षित है, जहां शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। इतिहास और संस्कृति प्रेमियों के लिए वह कमरा विशेष आकर्षण का केंद्र होता है।
व्यू पॉइंट
शिवनेरी किला काफी ऊंचाई पर स्थित है, जहां से जुन्नार शहर और आसपास घाटियों का शानदार नजारा दिखता है। यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन है, तो आपको शिवनेरी किले का व्यू पॉइंट काफी पसंद आएगा।
क्या शिवनेरी किले में अंदर खाने पीने की व्यवस्था है?
शिवनेरी किले में अंदर कोई खाने-पीने की सुविधाएं (कैंटीन/रेस्टोरेंट) उपलब्ध नहीं हैं। आप जुन्नार शहर से ही अपने साथ कुछ हल्की-फुल्की खाने की चीजें और पानी की बोतलें रखें। किले पर चढ़ाई के दौरान आपको पानी की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि किले की चढ़ाई के रास्ते में आपको छोटे-मोटे फूड स्टॉल्स मिल जाएंगे।
