मासिनराम में खुलेगा दुनिया का पहला रेन म्यूजियम, जानें मेघालय की ये जगह क्यों है खास, और क्या देखने को मिलेगा

मासिनराम एक अनोखा गंतव्य है जो ऑफबीट यात्रियों, प्रकृति प्रेमियों और मानसून के दीवानों के लिए एकदम सही है। यह पहाड़ी गांव हरी-भरी पहाड़ियों, नाटकीय झरनों और रहस्यमय गुफाओं से घिरा हुआ है। भागती-दौड़ती जिंदगी से दूर, यह जगह एक आदर्श ऑफबीट यात्रा अनुभव प्रदान करती है।

जल्द ही मेघालय में मासिनराम दुनिया के पहले रेन म्यूजियम का घर होगा। मासिनराम को धरती का सबसे नम स्थान भी कहा जाता है। अनुमान के मुताबिक, यहां सालाना औसतन लगभग 12,000 मिमी वर्षा होती है। मेघालय की खूबसूरत पूर्वी खासी पहाड़ियों में स्थित मासिनराम एक अनोखा पहाड़ी गांव है जो विशेष यात्रा अनुभव प्रदान करता है।

Mawsynram

मासिनराम

पृथ्वी का सबसे नम स्थान मासिनराम

मेघालय के मासिनराम को पृथ्वी का सबसे नम स्थान का खिताब दिया गया है। यहां के लोगों ने एक अलग तरह की जीवनशैली अपनाई है क्योंकि बारिश उनके लिए परिवार जैसी है। स्थानीय लोग बांस और ताड़ के नुप्स को छाते के रूप में उपयोग करते हैं। उनके पास ध्वनिप्रूफ छप्पर के घर हैं क्योंकि इस क्षेत्र में हमेशा बारिश होती रहती है। वे जीवित जड़ पुलों का भी निर्माण करते हैं जो पीढ़ियों तक चलते हैं। ये पुल बारिश के अनुकूल होते हैं। यही मुख्य कारण है कि मेघालय सरकार ने मासिनराम को बारिश-थीम वाले सांस्कृतिक और विज्ञान संग्रहालय के स्थल के रूप में चुना। इस पर करीब 35 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

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