First Female Traveler: ऐसा दौर जब महिलाओं को नौसैनिक जहाजों पर पैर रखने तक की मनाही हो तब एक महिला ने मुश्किलों को चुनौती देते हुए अकेले दुनिया की परिक्रमा की वह भी बिना असली पहचान बताए। ये कहानी है जीन बैरेट की जिनका नाम इतिहास में दुनिया की परिक्रमा करने वाली पहली महिला के तौर पर अंकित है। 27 जुलाई 1740 के फ्रांस के ग्रामीण इलाके में जन्मीं जीन बैरेट की कहानी साहस और बुद्धिमत्ता की कहानी भी है जो घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटकों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।
First Female Traveler Jeanne Baret
विश्व भ्रमण का मौका
जीन की पौधों, जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक चिकित्सा में गहरी रुचि थी। प्रसिद्ध फ्रांसीसी बोटनिस्ट फिलिबर्ट कॉमर्सन के साथ जीन काम करती थीं। बात 1766 की है जब फ्रांस की नौसेना द्वारा कॉमर्सन को समुद्री विश्व यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया, जीन भी कॉमर्सन के साथ यात्रा पर जाना चाहती थीं लेकिन फ्रांसीसी नौसेना में महिलाओं को जहाज पर चढ़ने तक की मनाही थी जिसके चलते उनका कॉमर्सन के साथ जा पाना तकरीबन नामुमकिन था।
एडवेंचर की शुरुआत
जीन ने दिल की सुनते हुए साहसिक फैसला किया जिसने उन्हें इतिहास में अमर बना दिया। जीन गुप्त रूप से अपनी पहचान छिपाकर यात्रा पर निकली थीं। विश्व भ्रमण पर जाने के लिए जीन ने खुद को 'Jean Baret' एक पुरुष के रूप में प्रस्तुत किया और फिलिबर्ट कॉमर्सन के असिस्टेंट के रूप में यात्रा की योजना बनाई। जीन ने ट्रैवल के दौरान पुरुषों का भेष धारण किया और जहाज पर मौजूद अन्य पुरुष यात्रियों को धोखा दे डाला था।
First female traveler (image credit-pinterest)
तमाम देशों का किया दौरा
जड़ी-बूटियों और पौधों के बारे में ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने के लिए जीन बैरेट ने विश्व भ्रमण के दौरान दक्षिण अमेरिका, ब्राजील, ताहिती, मॉरीशस और अन्य जगहों की यात्रा की और सैकड़ों नई पौधों की प्रजातियों की पहचान की। हजारों पौधों के नमूने जुटाए और पौधों की नई प्रजातियों की खोज में कॉमर्सन की मदद की।
खुलासा और यात्रा के बाद का जीवन
स्थानीय लोगों ने ताहिती में उन्हें एक महिला के रूप में पहचान लिया लेकिन, जहाज के अधिकारियों ने विज्ञान के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें यात्रा जारी रखने दी। यात्रा के दौरान जब जहाज मॉरीशस पहुंचा तब कॉमर्सन की तबीयत बिगड़ गई जिसके चलते जीन ने भी उनके साथ वहीं रुकने का फैसला किया।
female solo traveler (image credit pinterest)
वापस लौंटी फ्रांस
कॉमर्सन की मृत्यु के बाद 1773 में जीन ने मॉरीशस में ही एक फ्रांसीसी सैनिक से शादी कर ली थी। 1775 में वह वापस फ्रांस लौटीं जिसके बाद फ्रांसीसी सरकार ने उनके योगदान को मान्यता दी और वह दुनिया का चक्कर लगाने वाली पहली ज्ञात महिला बनीं।
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गुमनाम नायक
जुनून और प्रतिभा की मिसाल जीन बैरेट एक गुमनाम नायक हैं। स्कूल की किताबों में भले ही जीन बैरेट का नाम नहीं मिलता है लेकिन, समुद्र पार कर दुनिया का चक्कर लगाने वालीं वो पहली महिला थीं जिसने ना केवल दुनिया का सफर किया, बल्कि एक मिसाल भी कायम की।
Jeanne Baret traveler (image credit pinterest)
यात्रियों के लिए प्रेरणा
जीन बैरेट द्वारा यात्रा के लिए उठाया गया ये बड़ा कदम वैज्ञानिकों और यात्रियों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। Bougainvillea जैसे सुंदर फूल की खोज में जीन का अहम योगदान था। मालूम हो कि जीन के सम्मान में एक पौधे का नाम Solanum baretiae रखा गया। जीन बैरेट की कहानी ये सिखाती है कि जिज्ञासा, साहस और बुद्धिमत्ता से सबकुछ हासिल किया जा सकता है।
