Eclipse Tourism: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है। यह ग्रहण अंटार्कटिका, साउथ अफ्रीका, बोत्सवाना, जांबिया, नामीबिया, मॉरीशस, चिली और अर्जेंटीना जैसे देशों में नजर आएगा। घूमने के शौकीनों के लिए यह शानदार मौका होता है। सोचिए, अफ्रीका के खुले मैदानों या दक्षिण अमेरिका के खूबसूरत लैंडस्केप के बीच सूर्य ग्रहण देखना बेहद अलग अनुभव होता है।
आज का ग्रहण
गौर करने वाली बात ये है कि कई टूर कंपनियां ऐसे मौकों पर खास टूर पैकेज भी निकालती हैं, जहां सही व्यू प्वाइंट और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होती है। जहां तक भारत की बात है, यहां यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई खास दृश्य प्रभाव नहीं रहेगा।
पर्यटक वहां क्यों जाते हैं?
पूर्ण सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण रोज-रोज नहीं होता ऐसे में इस दुर्लभ अनुभव को करीब से महसूस करने के लिए पर्यटक यहां जाते हैं। इसके अलावा पहाड़ी इलाके, खुले मैदान, समुद्र तट या ऐतिहासिक स्मारकों से ग्रहण का नजारा और भी खास लगता है। साफ आसमान और खुला क्षितिज देखने का अनुभव बेहद खास होता है।
एस्ट्रोफोटोग्राफर और वैज्ञानिक ऐसे स्थानों पर पहुंचते हैं जहां से ग्रहण साफ दिखे। यह उनके लिए रिसर्च और शानदार तस्वीरों का मौका होता है। अगर आप ट्रैवल और एडवेंचर के शौकीन हैं, तो इस तरह के दुर्लभ इवेंट को देखकर ट्रिप को यादगार बनाया जा सकता है। बस ध्यान रखें, सूर्य ग्रहण हमेशा प्रमाणित सुरक्षा चश्मे से ही देखें।
चिली (रेगिस्तान और एंडीज का रोमांच): चिली खगोलीय घटनाओं के लिए दुनिया में मशहूर है, खासकर अपने साफ आसमान के कारण। यहां Atacama Desert है जो दुनिया का सबसे सूखा रेगिस्तान है और स्टारगेजिंग के लिए फेमस है। ग्रहण के दौरान अटाकामा जैसे इलाकों में साफ आसमान शानदार दृश्य देता है।
मॉरीशस (बीच और ब्लू लैगून का जादू): मॉरीशस हिंद महासागर में बसा एक खूबसूरत द्वीप देश है। यहां के साफ नीले पानी और सफेद रेत वाले बीच दुनिया भर के पर्यटकों को खींच लाते हैं। ग्रहण के दौरान यहां समुद्र किनारे खुले आसमान में इसे देखना खास अनुभव बन जाता है।
साउथ अफ्रीका (वाइल्डलाइफ और नेचर): साउथ अफ्रीका एडवेंचर और सफारी के लिए जाना जाता है। केप टाउन का आइकॉनिक व्यू, केप ऑफ गुड होप (समुद्र और चट्टानों का अद्भुत संगम)। यहां खुले मैदान और नेशनल पार्क ग्रहण देखने के लिए बेहतरीन स्पॉट बन जाते हैं।
