Arunachal Pradesh road trip: भारत में रोड ट्रिप के बारे में सोचते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में लद्दाख, मनाली या स्पीति घाटी का नाम ही आता है। लेकिन अगर आप कुछ अलग और कम देखे गए रास्ते की तलाश में हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है। हम आपको डिटेल में बताएंगे कि आखिर क्यों दिरांग से मागो तक की सड़क यात्रा (Dirang to Mago road trip) बेहद खास है। यहां सफर मंजिल से कम खूबसूरत नहीं लगता। इस रास्ते पर चलते हुए कभी आपको बादलों से ढके पहाड़ नजर आते हैं तो कभी साफ पानी वाली झीलें और तेज बहती नदियां आपका ध्यान खींच लेती हैं।
दिरांग से मागो तक का सफर
दिरांग से शुरू होता है असली सफर
अरुणाचल प्रदेश के शांत और खूबसूरत पहाड़ी इलाके दिरांग से यात्रा की शुरुआत होती है। यहां की ठंडी हवा, हरे पहाड़ और आसपास के मठ इसे कुछ दिन सुकून से बिताने के लिए शानदार जगह बनाते हैं। यहीं से मागो की ओर आपका असली रोड ट्रिप शुरू होता है। जैसे-जैसे गाड़ी आगे बढ़ती है, पहाड़ी रास्ते ऊंचाई पकड़ने लगते हैं और आसपास का नजारा भी बदलता जाता है।
सेला पास देगा सबसे शानदार नजारा
दिरांग से आगे बढ़ने पर सेला पास इस यात्रा के सबसे खास पड़ावों में से एक है। करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद यह इलाका अपनी झीलों, बर्फीले पहाड़ों और ठंडे मौसम के लिए फेमस है। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यहां निकलने से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहता है।
जुंग जलप्रपात पर रुकना न भूलें
सेला पास से आगे बढ़ने के बाद रास्ता आपको जुंग जलप्रपात की ओर ले जाता है। ऊंचाई से गिरता पानी और उसके आसपास की हरियाली इस जगह को बेहद खूबसूरत बना देती है। खासकर बारिश के मौसम में झरने का रूप और भी शानदार हो जाता है। पानी का तेज बहाव और पहाड़ों के बीच इसकी आवाज पूरी यात्रा के माहौल को बदल देती है। यहां कुछ समय रुककर आसपास के नजारों का आनंद लेना रोड ट्रिप का शानदार हिस्सा हो सकता है।
मागो पहुंचकर लगेगा जैसे किसी फिल्म में आ गए हों
जैसे-जैसे आप मागो की तरफ बढ़ते हैं, रास्ते का रोमांच और बढ़ जाता है। पहाड़ों के बीच से निकलती सड़क, दूर तक फैली हरियाली और खुले आसमान का नजारा बाइक या कार से सफर करने वालों को खास अनुभव देता है। मागो को खासकर बाइक से घूमने वाले यात्रियों के लिए शानदार जगह माना जा रहा है। यहां पहुंचकर ऐसा महसूस हो सकता है कि शहरों की भीड़ और शोर से बहुत दूर किसी दूसरी ही दुनिया में आ गए हैं।
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दिरांग से मागो पहुंचने में कितना समय लगेगा
मौसम और सड़क की स्थिति के हिसाब से दिरांग से मागो तक का सफर करीब 7 से 9 घंटे ले सकता है। मानसून के दौरान बारिश के कारण भूस्खलन या सड़क खराब होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेना समझदारी होगी।
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अरुणाचल जाने से पहले परमिट जरूर लें
अरुणाचल प्रदेश की यात्रा के लिए जरूरी परमिट पहले से बनवा लेना चाहिए। भारतीय पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) की जरूरत पड़ती है। यात्रा की योजना बनाने से पहले परमिट से जुड़ी मौजूदा शर्तों और नियमों की जानकारी जरूर ले लें। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में पेट्रोल, खाने-पीने की चीजों और जरूरी सामान की उपलब्धता सीमित हो सकती है। इसलिए रास्ते के हिसाब से जरूरी सामान साथ रखना बेहतर रहेगा।
