Pig Butchering Scam: यदि आप सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अलर्ट होने की जरूरत है। सरकार ने एक ऑनलाइन स्कैम के तरीके के लिए अलर्ट जारी किया है, जो देश में बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों, छात्रों और जरूरतमंद लोगों को निशाना बना रहा है। चलिए जानते हैं सरकार के अलर्ट के बारे में, नए फ्रॉड के तरीके के बारे में और इससे बचने का तरीका भी जानेंगे।
Pig Butchering Scam (image-istock)
क्या है सरकार का अलर्ट और क्या है यह स्कैम?
केंद्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में पिग बुचरिंग स्कैम की जानकारी दी गई है। इसे 'इन्वेस्टमेंट स्कैम' भी कहा जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, पिग बुचरिंग स्कैम एक ठगी का तरीका है जिसमें ठग पीड़ित का विश्वास जीतते हैं और फिर ज्यादा फायदे का लालच दिखाकर फर्जी ऑनलाइन ट्रेड में पैसा फंसाते हैं, जो अक्सर विदेशों से ऑपरेट होते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराधी पीड़ितों को निशाना बनाने के लिए Google के विज्ञापन प्लेटफार्म का उपयोग कर रहे हैं। पिग बुचरिंग स्कैम बेरोजगार युवाओं, गृहिणियों, छात्रों और आर्थिक रूप से परेशान व्यक्तियों को निशाना बना रहा है।
कैसे होता है पिग बुचरिंग स्कैम?
- सोशल मीडिया (WhatsApp, Facebook) या डेटिंग ऐप्स पर ठग दोस्ती या रिश्ते का दिखावा करते हैं।
- हफ्तों या महीनों तक बात करके भरोसा जीतते हैं।
- ठग एक "लाभकारी निवेश" का सुझाव देते हैं, जैसे क्रिप्टोकरेंसी या ट्रेडिंग।
- पहले छोटे निवेश पर अच्छे रिटर्न दिखाए जाते हैं और फिर बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया जाता है।
- जब पीड़ित पैसा निकालना चाहता है, तब फ्रॉड का पता चलता है और बहाने बनाकर पैसा हड़प लिया जाता है।
क्या है बचने का तरीका
- ऑनलाइन अजनबियों पर भरोसा न करें और गारंटीड रिटर्न के दावों से बचें।
- यह स्कैम विश्वास और भावनात्मक धोखे पर आधारित होता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
- सोशल मीडिया पर किसी भी लिंक या ऐप को बिना जांचे ओपन न करें और न किसी भी अनजान के मैसेज का जवाब दें।
