Garmi Me Fridge Ki Dekhbhal Kaise Karen: मई-जून की तपती गर्मी सिर्फ इंसानों को ही नहीं परेशान करती बल्कि इस सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बड़ी दिक्कत देखने को मिलती है। गर्मी के सीजन में स्मार्टफोन और एसी ब्लास्ट की घटनाएं भी कई बार सामने आती रहती हैं। भीषण गर्मी का असर हमें ठंडा पानी देने वाले रेफ्रिजरेटर और उसके फ्रीजर पर भी असर पड़ता है। आइए आपको कुछ ऐसे टिप्स बताते हैं जिससे आप फ्रिज को बढ़े हुए तापमान में भी मक्खन की तरह चला सकते हैं और पूरे सीजन आपका फ्रिज बेहतरीन तरीके से काम करेगा।
आप कुछ आसान तरीके अपनाकर फ्रिज की कूलिंग बढ़ा सकते हैं।(फोटो क्रेडिट-iStock)
सबसे पहले आपको बता दें कि बाहरी वातावरण में जितनी ज्यादा गर्मी होगी, फ्रिज के अंदरूनी हिस्से को ठंडा रखने के लिए उसके कंप्रेसर को उतनी ही ज्यादा मशक्कत और ओवरवर्क करना पड़ेगा। इसका असर यह होता है कि फ्रिज में कूलिंग कम हो जाती है और बिजली का बिल भी तेजी से बढ़ना शुरू हो जाता है। हालांकि आप कुछ छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर फ्रिज की हेल्थ को मेंटेन रख सकते हैं।
फ्रिज को दीवार से सटाकर न रखें
ज्यादातर घरों में जगह बचाने के चक्कर में फ्रिज को दीवार से जोड़कर रख दिया जाता है। अगर आप ऐसा करते हैं तो यह एक बहुत बड़ी गलती है। फ्रिज को कभी भी दिवार के बिल्कुल पास नहीं रखना चाहिए। फ्रिज और दीवार के बीच में कम से कम 1 फीट की जगह होनी चाहिए। फ्रिज के बैक पोर्टशन में कंप्रेशर लगा होता है जो हीट करता है। दीवार से सटाकर रखने से यह ओवरहीट हो सकता है और ब्लास्ट की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए फ्रिज के आस पास वेंटिलेशन होना जरूरी है।
सीधी धूप और ओवन से रखें दूर
फ्रिज को कभी भी ऐसी जगह पर न रखें जहां उस पर सीधे धूप पड़े। धूप की तेज रोशनी फ्रिज की कूलिंग को कम कर सकती है। इसके अलावा फ्रिज को गैस स्टोव, ओवन, या माइक्रोवेव जैसी गर्मी पैदा करने वाली चीजों के बिल्कुल बगल में रखने की गलती कभी न करें। बाहरी गर्मी फ्रिज के बाहरी तापमान को बढ़ा देती है, जिससे उसे ठंडा रहने के लिए अधिक बिजली की खपत की जरूरत पड़ती है।
बार-बार दरवाजा खोलने की आदत बदलें
गर्मी के दिनों में बार-बार फ्रिज का दरवाजा खोलना और उसे देर तक खुला रखना कूलिंग को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। जितनी बार फ्रिज का गेट खुलता है, अंदर की ठंडी हवा बाहर निकल जाती है और कमरे की गर्म हवा अंदर चली जाती है। इससे फ्रिज का तापमान बढ़ जाता है और कंप्रेसर को दोबारा कूलिंग करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
डोर रबर सील की जांच करें
फ्रिज के दरवाजे पर जो रबर लगी होती है, उसे गैस्केट कहते हैं। समय के साथ यह रबर ढीली या खराब हो जाती है। अगर यह सील ठीक से काम नहीं करेगी, तो अंदर की ठंडी हवा लगातार लीक होती रहेगी और बाहर की गर्मी अंदर जाती रहेगी। इसे चेक करने के लिए दरवाजे के बीच में एक कागज का टुकड़ा दबाएं, अगर दरवाजा बंद होने के बाद कागज आसानी से खिंच जाता है, तो समझ लें कि रबर बदलने का समय आ गया है।
कंडेनसर कॉइल्स की सफाई है जरूरी
फ्रिज के पीछे या नीचे की तरफ काली जाली जैसी कॉइल्स होती हैं, जिन पर अक्सर धूल और गंदगी जमा हो जाती है। यह धूल एक इंसुलेटर की तरह काम करती है और फ्रिज की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है। गर्मियों की शुरुआत में एक सूखे ब्रश या वैक्यूम क्लीनर की मदद से इन कॉइल्स को अच्छी तरह साफ कर लें। इससे फ्रिज की एफिशिएंसी काफी बढ़ जाती है।
फ्रिज को न तो ज्यादा ठूंसें और न ही खाली रखें
कई लोग गर्मियों में सब कुछ फ्रिज में ही भर देते हैं। फ्रिज को जरूरत से ज्यादा ओवरलोड करने से अंदर ठंडी हवा का रोटेशन (Air Circulation) रुक जाता है, जिससे कुछ हिस्सों में कूलिंग बिल्कुल बंद हो जाती है। वहीं दूसरी तरफ, फ्रिज को पूरी तरह खाली भी नहीं रखना चाहिए। फ्रिज के अंदर मौजूद ठंडा सामान ही तापमान को बनाए रखने में मदद करता है।
फ्रीजर को डीफ्रॉस्ट करें
यदि आपके पास मैनुअल डीफ्रॉस्ट वाला फ्रिज है, तो फ्रीजर में बर्फ की मोटी परत जमा न होने दें। बहुत ज्यादा बर्फ जमने से फ्रीजर की कूलिंग क्षमता कम हो जाती है और कंप्रेसर पर लोड बढ़ जाता है। जब भी बर्फ की परत आधा इंच से ज्यादा मोटी होने लगे, तो डीफ्रॉस्ट बटन दबाकर उसे साफ कर लें।
सही तापमान पर सेट करें रेगुलेटर
अक्सर लोग सोचते हैं कि गर्मी है तो फ्रिज को हमेशा मैक्सिमम पॉइंट पर ही चलाना चाहिए। ऐसा करना जरूरी नहीं है। गर्मियों के लिए फ्रिज का आदर्श तापमान 3°C से 5°C और फ्रीजर का तापमान -18°C के आसपास होना चाहिए। बेवजह बहुत ज्यादा ठंडा सेट करने से कंप्रेसर बिना रुके चलता रहता है, जिससे उसके खराब होने के चांस बढ़ जाते हैं।
