जब भी प्रीमियम और फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स की बात होती है तो सबसे पहले एप्पल आईफोन्स का नाम आता है। आईफोन्स पूरी दुनिया में अपनी ड्यूरेबिलिटी और प्रीमियम सिक्योरिटी फीचर्स के लिए जाने जाते हैं। आईफोन्स इतने ज्यादा सिक्योर होते हैं कि स्कैमर्स भी आपके फोन में तांक-झांक नहीं कर सकते। यही वजह है कि ज्यादातर लोग आईफोन्स लेना चाहते हैं। लेकिन, क्या आपको मालूम है कि इतने प्रीमयम होने के बावजूद इसमें कुछ जरूरी फीचर्स नहीं मिलते। कुछ मामलों में एंड्रॉयड फोन्स आईफोन्स से काफी आगे हैं।
कई ऐसे जरूरी फीचर्स हैं जो आईफोन्स में नहीं मिलते हैं।
महंगा आईफोन रखने वाले लोग एंड्रॉयड के इन फीचर्स की कमी को काफी ज्यादा महसूस करते हैं। आइए आपको पांच ऐसे फीचर्स के बारे में बताते हैं जो एंड्रॉयड तो मिलते हैं लेकिन आईफोन में नहीं
कॉल रिकॉर्डिंग
आपको बदा दें कि अगर आप के पास आईफोन और आप किसी एंड्रॉयड यूजर की रिकॉर्डिंग करते हैं तो उस एंड्रॉयड यूजर के पास नॉटिफिकेशन पहुंच जाएगा। लेकिन वहीं अगर एंड्रॉयड यूजर आईफोन यूजर की रिकॉर्डिंग करता है तो उसे इस बारे में नहीं मालूम चलेगा।
बेहतर कैमरा मेगापिक्सल
वैसे तो आईफोन्स कैमरा के मामले में बेहतर माने जाते हैं लेकिन जब मेगापिक्सल की बात आती है तो ये एंड्रॉयड से काफी पीछे हो जाते हैं। आज भी आईफोन में अधिकतम 48MP का ही सेंसर मिलता है, जबकि वहीं एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स अब 200 मेगापिक्सल सेंसर तक पहुंच चुके हैं। इसी तरह सेल्फी कैमरे के मामले में भी आईफोन, एंड्रॉयड से पीछे हैं।
App सेटिंग्स तक आसान एक्सेस
Android फोन में ऐप की सेटिंग तक पहुंचना बहुत आसान होता है। यूजर सिर्फ ऐप के आइकन पर टैप करके सीधे उसकी सेटिंग खोल सकता है। वहीं iPhone में यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है। इसके लिए पहले सेटिंग्स में जाना पड़ता है, फिर उस ऐप को ढूंढना होता है, और उसके बाद ही उसकी सेटिंग खुलती है। इस तरह Android में ऐप सेटिंग तक पहुंचना iPhone के मुकाबले ज्यादा आसान और तेज होता है।
APK फाइल्स
अगर आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स इस्तेमाल कर रहे हैं तो APK फाइल्स को डाउनलोड करके इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, अगर आपके पास एप्पल आईफोन है तो आपको इसमें APK फाइल इस्तेमाल करने की सुविधा नहीं मिलेगी।
फास्ट चार्जिंग स्पीड
स्मार्टफोन्स हमारी डेली रूटीन लाइफ का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हर एक छोटे बड़े काम में आईफोन का इस्तेमाल होता है। ज्यादा इस्तेमाल होने से बैटरी की खपत भी ज्यादा होती है जिसकी वजह से बार-बार फोन के जल्दी चार्जिंग पर लगाना पड़ता है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में आपको अब 100W से ज्यादा तक की फास्ट चार्जिंग मिल जाती है लेकिन वहीं आईफोन्स इस मामले में काफी पीछे रह जाते हैं।
