आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर धीरे-धीरे टेक कंपनियों के बयान बदल रहे हैं। पहले जहां ओपनएआई और Nvidia जैसी कंपनियों के सीईओ ने कहा था कि एआई से डरने की जरूरत नहीं है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने तो यहां तक कह दिया है कि उन्हें अपने पहले के बयान का खेद है जिसमें उन्होंने कहा था कि एआई से नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
TCS चेयरमैन का बड़ा बयान, कहा- AI खतरा नहीं, मौका है, अगले 3 साल में कंपनी में कर्मचारियों के बराबर होंगे AI एजेंट
अब भारत में भी एआई को लेकर हवा बदल रही है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से एक बड़ी और राहतभरी खबर आई है। कंपनी के मुताबिक आने वाले तीन वर्षों में वह अपने इंसानी कर्मचारियों की संख्या के बराबर AI एजेंट तैयार कर सकती है।
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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को कंपनी की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में TCS में इंसानों की तरह काम करने वाले AI एजेंट की संख्या भी कर्मचारियों के बराबर हो जाएगी। कंपनी AI को भविष्य की ग्रोथ का मुख्य आधार मानते हुए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है।
TCS में तेजी से बढ़ रहा AI का इस्तेमाल
एन चंद्रशेखरन ने बताया कि TCS पहले से ही अपने इंटनरल कामकाज, सॉल्यूशन फ्रेमवर्क और बाहरी ऑपरेशन में AI एजेंट का इस्तेमाल बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की AI से होने वाली कमाई लगातार बढ़ रही है। पिछले चार तिमाहियों में AI से जुड़े कारोबार में 22 प्रतिशत से अधिक की कंपाउंड तिमाही वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026 की पिछली तिमाही में TCS का सालाना AI रेवेन्यू 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
AI को खतरा नहीं, बड़ा अवसर मानती है TCS
चंद्रशेखरन ने कहा कि कई लोग AI को टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री के लिए खतरा मान रहे हैं, लेकिन यह सोच सही नहीं है। उनके अनुसार AI एंटरप्राइज आईटी के लिए अब तक का सबसे बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि AI के कारण कंपनियों के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव आएगा और कई बिजनेस प्रोसेस AI आधारित सिस्टम की ओर बढ़ेंगे।
AI के दौर में पांच बड़े अवसर
- पहला अवसर पुराने टेक्नोलॉजी सिस्टम और बिखरे हुए डेटा को आधुनिक बनाना है। कंपनियां अपने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को AI के अनुसार तैयार करेंगी।
- दूसरा अवसर बिजनेस प्रोसेस को नए तरीके से डिजाइन करना है। इसमें सप्लाई चेन, ग्राहक अनुभव और अन्य प्रक्रियाओं को AI की मदद से बेहतर बनाया जाएगा।
- तीसरा अवसर AI एजेंट की निगरानी और प्रबंधन से जुड़ा है। इसमें सुरक्षा, नियमों का पालन और लागत नियंत्रण महत्वपूर्ण होंगे।
- चौथा क्षेत्र "सॉवरेन AI" है, जिसमें सरकारें और संवेदनशील संस्थान AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा पर अधिक नियंत्रण चाहते हैं। TCS भारत और यूरोप में इस दिशा में पहल शुरू कर चुकी है।
- पांचवां अवसर "फिजिकल AI" है, जिसमें AI को फैक्ट्रियों, वेयरहाउस और वाहनों जैसे वास्तविक दुनिया के कामों में इस्तेमाल किया जाएगा।
AI से रोजगार पर असर और नई संभावनाएं
AI के कारण नौकरियों पर असर को लेकर चिंताओं के बीच चंद्रशेखरन ने कहा कि TCS का कारोबार मजबूत बना हुआ है। उन्होंने बताया कि कंपनी का मार्जिन स्थिर है, रेवेन्यू बढ़ रहा है और नए प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन पहले से मजबूत है। उनके अनुसार जैसे-जैसे AI की लागत कम होगी, वैसे-वैसे ज्यादा बिजनेस प्रक्रियाएं AI आधारित सिस्टम की ओर जाएंगी।
