Solar Storm: पृथ्वी से टकराया सौर तूफान, बाल-बाल बचा धरती का ये इलाका, बड़ी अनहोनी का अंदेशा!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2023, 05:45 PM IST

Solar Storm: पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर से सीएमई (CME) के कणों की वजह से एक सौर तूफान (Solar Storm) टकराया। यह तूफान बादल से टकराया। हालांकि बहुत बड़ी क्षति नहीं हुई लेकिन बड़ी अनहोनी होने का खतरा बढ़ गया है।

कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejection) 19 जनवरी को बादल से टकराया। पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर से सीएमई (CME) के कणों की वजह से एक सौर तूफान (Solar Storm) टकराया। इसकी जानकारी सैटेलाइट की वजह से मिली। यह सौर तूफान पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध के इलाके में आया। हालांकि बहुत बड़ी क्षति नहीं हुई लेकिन बड़ी अनहोनी होने का खतरा बढ़ गया है। सूर्य 11 साल के चक्र से गुजर रहा है। इसकी वजह से यह जरुरत से ज्यादा एक्टिव है। बताया जा रहा है कि सूर्य में हलचलों की वजह से पृथ्वी के आसपास कई खगोलीय घटनाएं हो रही हैं।

Solar storm collided with the eart

पृथ्वी पर आया सौर तूफान

माना जा रहा है कि सूर्य के एक्टिव होने से तारे भी सक्रिय हो गए हैं। उनमें दरार देखने को मिल रही हैं। काले सनस्पॉट भी दिखाई दे रहे हैं। एक्स-क्लास सौर अग्नि पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं। इसकी वजह से उपग्रहों और संचार उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। पावर ग्रिड भी प्रभावित हो सकते हैं। अंतरिक्ष यात्रा में भी मुश्किलें आ सकती हैं। परिक्रमा में सोलर फ्लेयर्स भी खतरा हैं। पृथ्वी से करीब 93 मिलियन मील की दूरी पर स्थित हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना सूर्य का करीब 11 वर्ष का सौर चक्र से गुजर रहा है। इस दौरान अधिकतम रफ्तार से चलता है। ऐसा वर्ष 2024 या 2025 में होने की उम्मीद है। इस दौरान सूर्य सर्वाधिक शक्तिशाली होता है।

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