Samsung Bans ChatGPT: सैमसंग अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स को बैन कर रही है जिसमें चैटजीपीटी भी शामिल है। कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को इस सुविधा के दुरुपयोग के चलते चैटजीपीटी इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। हालांकि साउथ कोरिया की इस कंपनी ने अस्थाई तौर पर चैटजीपीटी बैन किया है, वो भी कंपनी के पर्सनल कंप्यूटर्स पर। सैमसंग के सबसे बड़े डिविजन के सभी कर्मचारियों को मेमो जारी कर कहा गया है कि इस टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों ने चैटजीपीटी पर कुछ संवेदनशील कोड्स अपनोड कर दिए थे।
कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों को इस सुविधा के दुरुपयोग के चलते चैटजीपीटी इस्तेमाल करने से मना कर दिया है।
धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा चैटजीपीट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले इस टूल का इस्तेमाल दुनिया भर में धड़ल्ले से हो रहा है। चैटजीपीटी फायदेमंद होने के साथ बहुत से मामलों में बेहद नुकसानदायक भी है जिसका उदाहरण हाल में आए ठगी के कई मामले हैं। फिलहाल सैमसंग का कोई एआई प्रोडक्ट नहीं है और चैटजीपीटी को यूएस की ओपनएआई फर्म ने बनाया है जिसमें माइक्रोसॉफ्ट का पैसा लगा है। गूगल पहले ही बार्ड नामक टूल पेश कर चुका है। ऐसे में विदेशी कंपनियों के हाथ अगर सैमसंग के डेटा लगता है तो ये काफी खतरनाक हो सकता है।
कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश
सैमसंग ने अपने कर्मचारियों को दफ्तर के बाहर भी सभी एआई टूल्स का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने को कहा है। इसके अलावा कंपनी से जुड़ी कोई भी जानकारी यहां साझा नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया है। कंपनी ने एक व्यापक सर्वे पिछले महीने ही कराया है जिसमें 65 फीसदी लोगों का कहना है कि यहां जनरेटिव एआई का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा पर बड़ा रिस्क बना रहाता है। सिर्फ सैमसंग ही नहीं, जेपीमॉर्गन जैसी बड़ी कंपनी ने भी अपने स्टाफ को चैटजीपीटी इस्तेमाल नहीं करने को कहा है।
