OpenAI New AI Models: ओपनएआई आर्टिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है। अपने करोड़ों यूजर्स के लिए कंपनी नए-नए मॉडल्स लॉन्च कर रही है। पिछले काफी दिनों की GPT-5 के लॉन्च की खबरें सामने आ रही थीं लेकिन इससे आने से पहली है कंपनी ने एक बड़ा धमाका कर दिया है। OpenAI ने दो नए ओपन सोर्स मॉडल लॉन्च कर दिए हैं। इन नए एआई मॉडल्स का नाम GPT OSS-120b और GPT OSS-20b है।
ओपनएआई ने लॉन्च किए दो धमाकेदार एआई मॉडल्स। (फोटो क्रेडिट-Digit)
कंपनी के मुताबिक ये नए ओपन-वेट लैंग्वेज मॉडल काफी ज्यादा एडवांस हैं और इनकी रेजनिंग पॉवर नेक्स्ट लेवल की है। GPT OSS-120b और GPT OSS-20b को लैपटॉप जैसे डिवाइस पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट या फिर क्लाउड की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ऐसे डाउनलोड होंगे एआई मॉडल्स
आपको बता दें कि यह पहली बार है जब कंपनी ने GPT-2 के बाद अपना ओपन वेट मॉडल सार्वजनिक तौर पर पेश किया है। इन मॉडल्स की सबसे अच्छी बात यह है कि डेवरलपर्स के पास इन्हें कस्टमाइज करने का भी ऑप्शन रहेगा। इन नए मॉडल्स को Hugging Face के तहत Apache 2.0 लाइसेंस के साथ डाउनलोड किया जा सकता है। कंपनी इन नए एआई मॉडल्स को डेवलपर्स और इंटरप्राइजेज के लिए फ्री में उपलब्ध कराएगी।
कंपनी ने GPT OSS-120b और GPT OSS-20b को ऐसे समय पर लॉन्च किया है जब लोग बेसब्री के साथ GPT-5 का इंतजार कर रहे थे। GPT OSS-120b को कंपनी ने सिंगल Nvidia GPU सपोर्ट के साथ तैयार किया है जबकि वहीं GPT OSS-20b को कंपनी ने कंज्यूमर ग्रेड लैपटॉप को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। यह 16GB तक की रैम वाले लैपटॉप में सपोर्ट करेगा।
कंपनी के मुताबिक ये नए मॉडल्स रिजनिंग वर्कफ्लो को सपोर्ट करेंगे लेकिन ये मॉडल्स किसी भी कॉम्प्लेक्स डेटा या फिर इमेज को प्रॉसेस नहीं कर पाएंगे। मतलब ये मॉडल्स सिर्फ टेक्स बेस डेटा पर ही काम कर सकेंगे। हालांकि यूजर्स क्लाउड एपीआई के जरिए ओपनएआई के पावरफुल मॉडल को प्रश्न भेजकर उत्तर जान सकते हैं। ओपनएआई का दावा है कि उसके नए मॉडल्स ने ओपन वेट सीरीज में नया रिकॉर्ड सेट किया है।
मॉडल्स में हैं कुछ कमजोरियां
ओपनएआई के नए एआई मॉडल्स यूजर्स का काम तो आसान करने वाले हैं लेकिन इनकी सबसे बड़ी समस्या हैलिसिनेशन की है। मतलब यूजर्स को गलत या फिर झूठी जानकारी देना। रिपोर्ट के मुताबिक GPT-OSS 120B ने 49% मामलों में GPT-OSS 20B ने 53% मामलों में झूठी बातें कही हैं जो कि अपने पुराने o1 मॉडल (16%) की तुलना में काफी अधिक है। ओपनएआई के मुताबिक छोटे मॉडल्स में जानकारी काफी लिमिटेड होती है जिसकी वजह से कई बार ऐसी समस्याएं आती हैं। हालांकि कंपनी ने कहा कि इनकी सुरक्षा जांच की गई है जो कि हाई रिस्क कैटेगरी में नहीं आते हैं।
