फोटो असली है या AI, अब चैटजीपीटी एक क्लिक में बताएगा

OpenAI ने Google के साथ साझेदारी का भी ऐलान किया है। इस साझेदारी के तहत OpenAI के AI टूल्स से तैयार की जाने वाली सभी तस्वीरों में Google का अदृश्य वॉटरमार्क सिस्टम “SynthID” जोड़ा जाएगा।

AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इंटरनेट पर फर्जी और भ्रामक तस्वीरों यानी डीपफेक का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी चुनौती से निपटने के लिए OpenAI ने नया कदम उठाया है। कंपनी ने एक मुफ्त AI इमेज वेरिफिकेशन टूल लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर्स यह पता लगा सकेंगे कि कोई तस्वीर AI से बनाई गई है या नहीं।

OpenAI launches free AI image verification tool

डीपफेक पर लगाम लगाने की तैयारी, OpenAI ने लॉन्च किया FREE AI इमेज वेरिफिकेशन टूल

कैसे काम करेगा नया वेरिफिकेशन टूल?

OpenAI का यह नया टूल दो प्रमुख संकेतों के आधार पर काम करता है। पहला है SynthID वॉटरमार्क और दूसरा है C2PA नाम का ओपन स्टैंडर्ड। C2PA किसी AI-जनरेटेड इमेज की मेटाडेटा जानकारी में संकेत जोड़ता है, जिससे यह पहचानना आसान हो जाता है कि तस्वीर AI से बनी है या नहीं, हालांकि फिलहाल यह टूल केवल ChatGPT, OpenAI API और Codex से बनी तस्वीरों की पहचान करने में सक्षम है। कंपनी का कहना है कि भविष्य में इसे दूसरे AI प्लेटफॉर्म्स तक भी विस्तारित किया जाएगा।

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