अब Meta ने खटखटाया दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा, सीसीपीए ने लगाया है 10 लाख रुपये का जुर्माना

मेटा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट के विपरीत, फेसबुक कोई ई-मार्केट नहीं है बल्कि केवल एक ’’नोटिस बोर्ड’’ है। इसलिए वह सीसीपीए के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के उस आदेश को बुधवार को चुनौती दी, जिसमें फेसबुक मार्केटप्लेस पर वॉकी-टॉकी की कथित अनधिकृत बिक्री एवं लिस्टिंग को लेकर उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक के पास फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का स्वामित्व है।

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PTI/भाषा के मुताबिक मेटा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट के विपरीत, फेसबुक कोई ई-मार्केट नहीं है बल्कि केवल एक ’’नोटिस बोर्ड’’ है। इसलिए वह सीसीपीए के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने मेटा की याचिका को 25 मार्च को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और उससे यह स्पष्ट करने को कहा कि आदेश को ’’अधिकार क्षेत्र से परे’’ कैसे माना जा सकता है।

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