पढ़ने में तो आपको भी थोड़ा अजीब लग रहा होगा कि मजाक की भी हद होती है लेकिन आपको बता दें कि यह मजाक नहीं है, बल्कि उपलब्धि है। कल्पना कीजिए कि आपके ऑफिस या घर की खिड़कियों का कांच खुद बिजली बनाने लगे। यह सपना अब हकीकत में बदलता दिखाई दे रहा है। नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Nanyang Technological University) के वैज्ञानिकों ने बेहद पतले और लगभग अदृश्य सोलर सेल तैयार किए हैं, जो सूरज की रोशनी से बिजली पैदा कर सकते हैं। यह नई तकनीक भविष्य में इमारतों, वाहनों और स्मार्ट डिवाइसों को बिजली उत्पादन का नया स्रोत दे सकती है।
अब घर-ऑफिस की खिड़कियों से बनेगी बिजली, वैज्ञानिकों ने तैयार किए पारदर्शी सोलर सेल
खास सामग्री ‘पेरोव्स्काइट’ का इस्तेमाल
वैज्ञानिकों ने इन सोलर सेल्स को “Perovskite” नामक खास सामग्री से तैयार किया है। यह पदार्थ सूर्य की रोशनी को तेजी से अवशोषित करने की क्षमता रखता है। शोधकर्ताओं के अनुसार पारंपरिक सोलर पैनलों की तुलना में ये नए सेल काफी पतले हैं, लेकिन बिजली उत्पादन में बेहद प्रभावी साबित हो सकते हैं। यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल ACS Energy Letters में प्रकाशित हुई है।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
इस रिसर्च का नेतृत्व एनालिसा ब्रूनो (Annalisa Bruno) ने किया। वैज्ञानिकों ने “थर्मल इवैपोरेशन” नामक वैक्यूम तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए पेरोव्स्काइट की बेहद सूक्ष्म परतें तैयार की गईं। इन सोलर सेल्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह पारदर्शी हैं और इनमें किसी तरह का रंग दिखाई नहीं देता। यानी इन्हें सामान्य कांच की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि यह चुपचाप बिजली भी बनाते रहेंगे।
इमारतों की बिजली खपत हो सकती है कम
वैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया में कुल ऊर्जा खपत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इमारतों से आता है। ऐसे में अगर बड़ी-बड़ी कांच वाली इमारतों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो बिजली की खपत में भारी कमी लाई जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऑफिस बिल्डिंग, मॉल और ऊंची इमारतों की खिड़कियां खुद सोलर पैनल की तरह काम कर सकती हैं।
कार और स्मार्ट ग्लास में भी होगा इस्तेमाल
यह तकनीक सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं रहेगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका इस्तेमाल कारों की खिड़कियों, सनरूफ और स्मार्ट ग्लास जैसे उपकरणों में भी किया जा सकता है। इससे वाहन और पहनने योग्य डिवाइस सूरज की रोशनी से खुद ऊर्जा प्राप्त कर सकेंगे।
