अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है। अक्सर देखा जाता है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में कई तरह के गलत प्रोडक्ट दिखाए जाते हैं, ग्राहकों को लुभाने वाले ऑफर्स दिए जाते हैं साथ ही कई बार फ्रॉड के मामले भी देखने को मिलते हैं। लेकिन अब इन सब चीजों से ग्राहकों को राहत मिलने वाली है। ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए आने वाले समय में कई चीजें बदलने वाली हैं। सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों की तरफ से दिखाए जाने वाले ऑफर्स, डिस्काउंट, सर्च रिजल्ट और स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स को लेकर नए नियम तैयार किए हैं। इनका मकसद ग्राहकों को गुमराह करने वाली जानकारी और गलत तरीकों से बचाना है।
सरकार ने ई-कॉर्मस प्लेटफॉर्म में ऑनलाइन शॉपिंग के बदले नियम।(फोटो क्रेडिट-iStock)
डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 में बदलाव किया है। इसके लिए Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026 लाए गए हैं। नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि नए नियमों से ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिलेगी। साथ ही कंपनियों के लिए भी एक पारदर्शी और संतुलित रेगुलेटरी सिस्टम तैयार करने की कोशिश की गई है। नए नियमों के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को National Consumer Helpline (NCH) के कन्वर्जेंस प्रोग्राम से जुड़ना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और शिकायत निवारण व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में NCH को कुल 17,71,622 शिकायतें मिली थीं। इनमें 5,11,196 शिकायतें ई-कॉमर्स सेक्टर से संबंधित थीं। यानी कुल शिकायतों में करीब 29 फीसदी शिकायतें ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी थीं।
