आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रहा है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना नहीं जानते। इसी अंतर को कम करने के लिए रेडियो नेटवर्क Mirchi ने दिल्ली में 'AI Giri' नाम से एक विशेष अभियान चलाया। इसका मकसद AI को आसान भाषा में समझाना और लोगों को यह बताना है कि वे इसे अपनी पढ़ाई, नौकरी, सुरक्षा और रोजमर्रा के कामों में कैसे उपयोग कर सकते हैं। मिर्ची का 'AI Giri' अभियान अपनी तरह का पहला इंटीग्रेटेड कैंपेन है। इसने दिलचस्प बातचीत, एक्सपर्ट की मदद से सीखने और इमर्सिव अनुभवों के जरिए AI को आसान बनाया, जिससे यह टेक्नोलॉजी दिल्ली भर के दर्शकों के लिए प्रैक्टिकल, रिलेटेबल और एक्सेसिबल बन गई।
दिल्ली को AI GIRI से टेक रेडी बना रहा रेडियो मिर्ची
लोकप्रिय RJs ने आसान बनाई AI की भाषा
Mirchi के लोकप्रिय आरजे आरजे सायमा, आरजे कृष्णन, आरजे सात्विक और आरजे श्रुति ने अपने कार्यक्रमों के जरिए AI को आसान और दिलचस्प अंदाज में समझाया। इंटरैक्टिव शो, श्रोताओं की भागीदारी, डिजिटल कंटेंट और एक्सपर्ट सेशन के माध्यम से लोगों को AI के उपयोग के अलग-अलग पहलुओं से परिचित कराया गया।
IIT दिल्ली समेत कई विशेषज्ञ जुड़े
अभियान में टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और डिजिटल कंटेंट से जुड़े कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इनमें आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर मौसम, गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रुशी मेहता, AI कंटेंट क्रिएटर सहस चोपड़ा, AI अभिनेता एवं इन्फ्लुएंसर नैना अवतार, टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया के डिप्टी डीन प्रोफेसर धीरज सिंह, AI एवं टेक क्रिएटर आकर्ष शर्मा और AI उद्यमी सिद्धार्थ सक्सेना शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने AI टूल्स, साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता, जिम्मेदार उपयोग, करियर के अवसर और विभिन्न उद्योगों में AI की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।
RJ vs AI Challenge बना सबसे बड़ा आकर्षण
अभियान का सबसे चर्चित हिस्सा 'RJ vs AI Challenge' रहा। इसमें Mirchi के आरजे की असली आवाज और AI द्वारा तैयार की गई आवाज सुनाई गई। श्रोताओं को पहचानना था कि इनमें असली आवाज कौन-सी है। इस गतिविधि का उद्देश्य लोगों को AI वॉइस टेक्नोलॉजी की तेजी से बढ़ती क्षमता से परिचित कराना और यह समझाना था कि भविष्य में डिजिटल प्रामाणिकता और जिम्मेदार AI का महत्व कितना बढ़ने वाला है।
दिल्ली की सड़कों पर रोबोट बनकर पहुंचे RJ
AI Giri को स्टूडियो से बाहर भी ले जाया गया। आरजे कृष्णन और आरजे सात्विक रोबोट की वेशभूषा पहनकर दिल्ली की सड़कों पर पहुंचे और लोगों से पूछा, "ऐसी कौन-सी नौकरी है जिसे AI कभी नहीं बदल सकता?" लोगों के जवाबों में संवेदनशीलता, रचनात्मकता, भावनात्मक समझ और मानवीय जुड़ाव जैसी खूबियों को सबसे अहम बताया गया। इससे यह संदेश भी सामने आया कि तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, कुछ मानवीय गुणों का विकल्प बनना आसान नहीं है।
AI Masterclass के साथ हुआ समापन
अभियान का समापन एक विशेष AI मास्टरक्लास के साथ हुआ। इसमें चुने गए प्रतिभागियों को AI टूल्स का व्यावहारिक उपयोग सिखाया गया। इसके साथ ही डिजिटल सुरक्षा, जिम्मेदार AI उपयोग और भविष्य की तैयारियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। Mirchi का कहना है कि AI Giri का मकसद AI को केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए उपयोगी और समझने योग्य बनाना है। मनोरंजन, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को साथ जोड़ते हुए इस अभियान ने लोगों को AI को जिम्मेदारी के साथ अपनाने के लिए प्रेरित किया।
