हाल ही में सरकार ने जीएसटी की दरों में बदलाव किया है। सरकार और कंपनियों की ओर से जीएसटी की नई दरों के फायदे भी गिनाए जा रहे हैं। कुछ गाड़ियों की कीमत में तो 10 लाख रुपये तक की कटौती हुई है जिसके बाद नवरात्रि में गाड़ियों की खूब बिक्री भी हो रही है। बाइक की कीमतों में भी काफी कमी देखी जा रही है, लेकिन देश में करीब 100 करोड़ लोग मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
GST ON MOBILE RECHARGE PLAN/Photo- Canva
जीएसटी में बदलाव का रिचार्ज प्लान पर असर नहीं
यदि आप नहीं जानते तो आपको बता दें कि भारत में मोबाइल रिचार्ज प्लान और अन्य टेलीकॉम सेवाओं पर जीएसटी लगता है। मोबाइल रिचार्ज (प्रीपेड और पोस्टपेड बिल) पर वर्तमान जीएसटी की दर 18% है।
उदाहरण के लिए- यदि आप 100 रुपये का रिचार्ज करवाते हैं, तो 100 रुपये में 18% जीएसटी शामिल होता है। यह 18% टैक्स आपकी सेवा (कॉल, डेटा, SMS) की कीमत पर लगाया जाता है।
यह दर प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह की सेवाओं पर लागू होती है। यह दर भारत सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है और समय-समय पर बदल सकती है, लेकिन वर्तमान में यह 18% है। प्री-पेड और पोस्टपेड मोबाइल रिचार्ज कराते समय यह दिखता नहीं लेकिन आपको जीएसटी का भुगतान करना होता है।
जो रिचार्ज कीमत आप देखते हैं (जैसे ₹239, ₹599 आदि), उसमें GST पहले से ही जोड़ा हुआ होता है। आप टेलीकॉम कंपनी या रिचार्ज ऐप (जैसे MyJio, Airtel Thanks, PhonePe, Paytm) के इनवॉइस या रसीद में देख सकते हैं कि कितना टैक्स कट रहा है।
सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं लोग
ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि जब मोबाइल रिचार्ज पर 18% जीएसटी लगता है और सरकार टैक्स कम करने की बात कर रही है, तो कंपनियों ने प्लान की कीमतों में कमी क्यों नहीं की, जबकि जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू हो गई हैं। इसके अलावा लोगों का कहना है कि हर साल रिचार्ज प्लान महंगे हो रहे हैं और जब सरकार की ओर से टैक्स में बदलाव किया जा रहा है तो उसका असर भी इनपर नहीं पड़ रहा है।
