Spam Calls Messages: उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने प्रचार-प्रसार संबंधी फोन कॉल और एसएमएस जैसे स्पैम पर लगाम लगाने से संबंधित गाइडलाइन के ड्राफ्ट पर राय देने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विभिन्न महासंघों, संघों और अन्य हितधारकों से प्राप्त अनुरोधों के मद्देनजर तारीख बढ़ाई गई है।
पहले 21 जुलाई थी आखिरी तारीख
इस पहले टिप्पणियां प्रस्तुत करने की आखिरी तारीख 21 जुलाई थी। मंत्रालय ने कहा कि उसे विभिन्न सुझाव तथा कमेंट प्राप्त हुई हैं, जिन पर फिलहाल गौर किया जा रहा है। दूरसंचार सर्विस प्रोवाइडर और नियामकों सहित सभी हितधारकों के साथ परामर्श के बाद तैयार किए गए इन गाइडलाइन में व्यक्तिगत संचार को नहीं रखा गया है। इसमें ‘बिजनेस कम्यूनिकेशन’ को प्रचार तथा सर्विस मैसेज जैसी वस्तुओं या सर्विस से संबंधित किसी भी संचार के रूप में परिभाषित किया गया है।
ये गाइडलाइन बिजनेस कम्यूनिकेशन से जुड़े सभी व्यक्तियों और संस्थाओं पर लागू होंगे। गाइडलाइन के मसौदे के मुताबिक, व्यक्ति की रजामंदी या पंजीकृत प्राथमिकताओं का ध्यान न रखने वाला कोई भी बिजनेस कम्यूनिकेशन स्पैम के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
नई गाइडलाइन में यह नियम
इसके अलावा अपंजीकृत नंबर या एसएमएस हेडर का उपयोग करना, कॉल न आने का विकल्प चुनने के बावजूद कॉल करना, डिजिटल सहमति न लेना, कॉल करने वाले और उद्देश्य की पहचान न करना और सहमति बंद करने का विकल्प न देने जैसी स्थितियां भी अनचाही और स्पैम बिजनेस कम्यूनिकेशन की कैटेगरी में रखी जाएंगी। इनमें ऐसे कम्यूनिकेशन पर भी रोक लगाने का प्रावधान है जो ग्राहक वरीयताओं के आधार पर बिजनेस मैसेज पर दूरसंचार नियामक ट्राई के नियमों का उल्लंघन करते हैं।
डू नॉट डिस्टर्ब असरदार
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के 2018 के नियम पंजीकृत टेलीमार्केटिंग कंपनियों के लिए ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ (डीएनडी) पर पंजीकरण असरदार रहा है, लेकिन 10-अंक वाले निजी नंबरों का उपयोग करने वाले अपंजीकृत मार्केटिंग कंपनियों से कॉल एवं संदेश आने जारी हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘सरकार उपभोक्ता हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर तेजी से बढ़ रहे व्यापक उपभोक्ता क्षेत्र में। गाइडलाइन के ड्राफ्ट का उद्देश्य उपभोक्ताओं को आक्रामक और अनधिकृत मार्केटिंग से बचाना है।’’
इनपुट-भाषा
