Google का बड़ा एक्शन! Deepfake Satellite Images बनाने वाला AI टूल किया बंद, जानें क्यों?

यही कारण है कि बड़ी टेक कंपनियां AI टूल्स के लिए लगातार नए सुरक्षा नियम और मॉडरेशन सिस्टम विकसित कर रही हैं, ताकि फर्जी कंटेंट, गलत सूचना और डीपफेक जैसी समस्याओं को रोका जा सके।

Google ने अपने Google Earth में हाल ही में जोड़ा गया AI इमेज जनरेशन फीचर लॉन्च के महज एक दिन बाद ही वापस ले लिया है। यह कदम तब उठाया गया जब सोशल मीडिया पर इस फीचर की मदद से बनाई गई फर्जी सैटेलाइट तस्वीरें वायरल होने लगीं। इनमें कथित आतंकी हमलों, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य विनाशकारी घटनाओं को बेहद वास्तविक तरीके से दिखाया गया था, जिससे गलत जानकारी फैलने की आशंका बढ़ गई।

Google Earth

टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से बन रही थीं AI सैटेलाइट तस्वीरें

टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से बन रही थीं AI सैटेलाइट तस्वीरें

Google ने 30 जुलाई को Google Earth में एक नया AI फीचर पेश किया था, जिसकी मदद से उपयोगकर्ता टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर उपलब्ध सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर नई AI तस्वीरें तैयार कर सकते थे। यह सुविधा Google के Nano Banana 2 AI मॉडल पर आधारित थी, जिसने लॉन्च के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रियता हासिल की थी।

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